चीन की चेतावनी दरकिनार, अरुणाचल में तैनात होगी ब्रह्मोस की चौथी रेजीमेंट

नई दिल्ली (23 अगस्त): अरुणाचल प्रदेश में ब्रह्मोस की तैनाती को लेकर चीन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए भारतीय सेना ने स्‍पष्‍ट किया है कि उसके फैसले बीजिंग से तय नहीं होंगे। सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया, 'हमारी सुरक्षा संबधी चिताएं हमारी अपनी हैं और हम अपने इलाके में किस तरह की तैनाती करें, ये तय करना हमारे अपने अधिकार क्षेत्र में है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र पीपुल्स डेली के मुताबिक चीन से सटी सीमा पर ब्रह्मोस की तैनाती से क्षेत्रीय स्थायित्व पर नकारात्मक असर पड़ेगा। वैसे अभी अरुणाचल में ब्रह्मोस की तैनाती हुई भी नहीं है लेकिन चीन की आपत्ति सामने आ गई है। फिलहाल सरकार ने इस आशय का फैसला भर लिया है कि अरुणाचल में ब्रह्मोस की चौथी रेजीमेंट की तैनाती होगी। करीब 4,300 करोड़ की लागत से रेजीमेंट में करीब 100 मिसाइलें, पांच मोबाइल लॉंचर और एक मोबाइल कमान पोस्ट तैनात होगी। इसकी तैनाती में करीब सालभर का वक्त लग जाएगा।

वैसे ब्रह्मोस की रेंज 290 किलोमीटर है लेकिन चीन के घबराने की वजह है कि इस मिसाइल का उसके पास कोई तोड़ नहीं है। भारत के पास मौजूद ब्रह्मोस सुपरसोनिक है यानी इसकी स्पीड करीब एक किलोमीटर प्रति सेकेंड है, जबकि चीन के पास मौजूद मिसाइल सबसोनिक यानी उसकी स्पीड 290 मीटर प्रति सेकेंड है। आम भाषा में समझे तो ब्रह्मोस चीनी मिसाइल से तीन गुना तेज है और इसे फायर करने में वक्त भी कम लगता है। साथ ही इसका निशाना चूकता नहीं है।