पाकिस्तान को पसंद है 'हरामी नाला', भारत-पाक की सबसे खतरनाक सरहद, जानिए क्यों...

डॉ. संदीप कोहली,

नई दिल्ली (3 फरवरी): 26/11 के मुंबई हमलों को कोई भारतीय आजतक भूला नहीं है... कैसे पाकिस्तान से एक वोट में सवार होकर आतंकियों ने मुंबई में घुसकर अपने नापाक इरादों को अंजाम दिया था... मुंबई हमलों के बाद पाकिस्तान से लगी गुजरात की समुद्री सीमा पर चौकसी बड़ा दी गई... बीएसएफ और कोस्ट-गार्ड द्वारा दिन रात सर्च ऑपरेशन चलाया जाता है... उसी का नतीजा है कि पाकिस्तान फिर अपने नापाक मंसूबों को अंजाम नहीं दे पाया है... कोशिशें तो बहुत की गई लेकिन सारी असफल हुई... कई पाकिस्तानी नावों को बीएसएफ और कोस्ट-गार्ड ने पकड़ा... कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया... ऐसा ही कुछ पिछले तीन दिनों में हुआ जब बीएसएफ ने गुजरात के कच्छ में भारत-पाक सीमा के नजदीक सर क्रीक में ‘हरामी नाला’ के पास चार पाकिस्तानी नावों को पकड़ा... हालांकि नावें खाली थीं और उनमें कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया... लेकिन खुफिया एजेंसियां पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नावों में कितने लोग सवार थे और कहां गए...

गुजरात देश का सबसे बड़ा राज्य है जिसकी समुद्री सीमा 1600 किमी है... साथ ही गुजरात की 508 किमी लम्बी जमीनी और समुद्री सीमा पाकिस्तान से लगती है... सीमा पर सरक्रीक, पीर सनाई क्रीक, पाबेवरी क्रीक, वियांबारी क्रीक, कूरी क्रीक और देवेरी क्रीक जैसी संकरी खाड़ियों के साथ-साथ कई खतरनाक नाले हैं... अरब सागर से लगे इन क्रीकों के 4050 वर्ग किमी के मकड़जाल की चौकसी आसान काम नहीं है... ये ऐसा इलाके हैं जहां सबसे ज्यादा संदिग्ध पाकिस्तानी नावें देखी जाती हैं... आतंकी घुसपैठ की कोशिशें भी इसी क्षेत्र से करते हैं... इसी इलाके में पड़ती है देश की सबसे खतरनाक सरहदों में से एक ‘हरामी नाला’... बीएसएफ के लिए छोटे से हरामी नाले को काबू करना सबसे चुनौतीपूर्ण काम रहता है...

सर क्रीक के ‘हरामी नाला’ में क्यों पकडी जाती हैं सबसे ज्यादा पाकिस्तानी नावें...

    *सर क्रीक एक ऐसा नाला है जो गुजरात के कच्छ और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच है

    *इस नाले में सीरी नामक मछली पाई जाती हैं इसीलिए इसका नाम सिर क्रीक पड़ा।

    *बाद में इसे सर क्रीक के तौर पर ही ज्यादा पहचान मिलती गई।

    *सर क्रीक की कुल लंबाई करीब 68 किलोमीटर की है इसके आगे का दलदली इलाका।

    *सर क्रीक के 68 किलोमीटर आगे पूरा इलाका दलदली है।

पाकिस्तान को क्यों पसंद है ‘हरामी नाला’...

    *हरामी नाला दरअसल भारत से होते हुए पाकिस्तान की तरफ निकलता है।

    *भारत की जमीन पर करीब 21 किमी बाद पाकिस्तान में चला जाता है

    *ये एक दलदली इलाका है जिस पर दो कदम चलना भी आसान नहीं है।

    *इसी कारण इसे देश की सबसे खतरनाक सरहदों में से एक माना जाता है।

    *इस क्षेत्र में 8 किमी लंबी खतरनाक दलदल है।

    *ये इलाका बोर्डर के पिलर नंबर 1175 पर खत्म होता है।

    *यहां भौगोलिक हालात पाक के पक्ष में है।

    *क्योंकि पाकिस्तान की तरफ सिंध में दलदली जमीन नहीं है।

    *साथ ही सीमा के उस पार करीब 10किमी पर ही पाकिस्तान की घनी आबादी है।

    *आतंकी मछुआरों के भेष में भारतीय जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते रहते हैं।

    *इस इलाके को लेकर भारत पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद भी है।

    *जिसका भुगतान दोनों देशों के मछुआरों को करना पड़ता है।

    *कभी भारतीय मछुआरे पाकिस्तान में पकड़े जाते हैं तो कभी पाकिस्तानी यहां।

गुजरात के आसपास वीरान टापूओं पर रहती है आतंकियों की नजर...

    *पाकिस्तान से लगी समुद्री सीमा में भारत के कुल 55 टापू हैं सिर्फ द्वारिका जिले में 24 टापू है।

    *इसमें से ज्यादातर टापू वीरान पड़े हैं जहां कोई आबादी नहीं बसती।

    *ऐसे वीरान टापुओं का इस्तेमाल 26/11 मुंबई हमले के दौरान आतंकी कर चुके हैं।

    *गुजरात देश का सबसे बड़ा राज्य है जिसकी समुद्री 1600 किमी है और पाक से लगता बॉर्डर 508 किमी है।

गुजरात में कब-कब पकड़ी गई संदिग्ध पाकिस्तानी नावें...

    *2 अक्टूबर से अब तक दो पाकिस्तानी नौकाएं और इन पर सवार 19 लोग पकडे जा चुके हैं।

    *पहली नौका को 2 अक्टूबर को तटरक्षक दल तथा दूसरी 5 अक्टूबर को बीएसएफ ने पकड़ी थी।

    *दोनो नावों पर नौ नौ लोग सवार थे। जिनसे भारतीय एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।

    *इंडियन कोस्ट गार्ड ने दो अक्टूबर को गुजरात के पोरबंदर के पास समुद्र में एक पाकिस्तानी बोट को पकड़ा।

    *पाकिस्तानी बोट पर सवार 9 लोगों को पूछताछ के लिए कोस्ट गार्ड ने हिरासत में लिया है।

    *कोस्ट गार्ड के मुताबिक सुबह 10 बजे कोस्ट गार्ड के शिप 'समुद्र पावाक' ने इस बोट को देखा था।

    *गुजरात में बॉर्डर से सटे इलाकों में हाई अलर्ट है, कच्छ से लगे बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

गुजरात में कब-कब पकड़े गए ISI एजेंट...

    *22 फरवरी 2007- भुज से पकड़े गए असलम और सैयद नाम के दो आईएसआई एजेंट।

    *13 जुलाई 2007- कच्छ के मांडवी से पकड़े गए दो पाकिस्तानी, आईएसआई के बड़े नेटवर्क का पर्दापाश।

    *जुलाई-सितंबर 2008- अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट के बाद सिमी के 20 संदिग्धों को किया गिरफ्तार।

    *6 अक्टूबर 2009-  जामनगर में 7 पाकिस्तानी पकड़े गए, नाव से आईएसआई की बड़ी घुसपैठ का पर्दापाश।

    *14 फरवरी 2010- वलसाद में बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़, 200kg अमोनियम नाइट्रेट बरामद।

    *14 अक्टूबर 2010- आईएसआई के दो एजेंट गिरफ्तार, भुज में सेना के बेस की कर रहे थे रैकी।

    *8 अगस्त 2015- हरामी-नाला के पास एक पाकिस्तानी वोट को पकड़ा, वोट से हथियार बरामद।

    *21 अप्रैल 2015- पोरबंदर में एक संदिग्ध नाव को पकड़ा, तीन दिन चला ऑपरेशन।

    *23 फरवरी 2016- कच्छ में दो पाकिस्तानी नावों को पकड़ा, नाव से हथियार बरामद।