कश्मीर भारत का हिस्सा, मसला Pok को भारत का हिस्सा बनाने का है- जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली (13 मई): केंद्र सरकार के कार्यकाल के तीन साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर हर हिन्दुस्तानी का चैनल न्यूज 24 ने 'तीन साल मोदी सरकार' नाम से खास कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पीएमओ के राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने हिस्सा लिया और तमाम मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भी डा. जिन्तेंद्र सिंह ने न्यूज 24 समेत तमाम लोगों के सवालों का जवाब दिया।


डा. जिन्तेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा और हमेशा बना रहेगा। लेकिन सरकार के समाने सबसे बड़ा सवाल ये है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को भारत का हिस्सा कैसे बनाया जाए। उन्होंने तमाम दलों से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की साथ ही उन्होंने कहा कि इसके समाधान के लिए सुझाव देने की भी अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि जल्द ही घाटी में शांति लौटेगी।


न्यूज 24 के कार्यक्रम में डा. जितेंद्र सिंह की बड़ी बातें...


- लोगों को मोदी सरकार से काफी अपेक्षा है, इसलिए आवाज उठती है


- कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा, लेकिन हमारा मुद्दा है कि PoK को भारत का हिस्सा कैसे बनाया जाए


- विपक्षी ये बताएं कि कश्मीर पर वो क्या सुझाव देते हैं। वो चाहते हैं कि हम वहां से भाग जाएं


- हमारा प्रधानमंत्री और राष्‍ट्रीय अध्यक्ष जमीं से उठकर आए है-


- हमारी पार्टी में कोई परिवारवाद नहीं है


- कश्मीर की सरकार से आपत्त‍ि उन लोगों से है जिन्हें लोगों ने वोट नहीं दिया


- बीजेपी ने कश्मीर में विकास के एजेंडे को आगे आकर सरकार बनाने का काम किया


- कश्मीर में BJP-PDP की सरकार 6 साल पूरे करेगी।विपक्ष को इतनी आसानी से सत्ता नहीं देंगे।


- कश्मीर के हालात इससे भी ज्यादा बिगड़ चुके हैं


- कश्मीर में पत्थरबाज बीजेपी को पत्थर नहीं मार रहे हैं


- कश्मीर में जो अलगाववादी की नीति करते हैं, वो खुद इसमें विश्वास नहीं रखते


- अलगाववाद का नारा देने वाले दोहरे चरित्र वाले हैं


- केंद्र सरकार कश्मीर के हालात से ईमानदारी से निपटने के लिए तैयार है, पहले ऐसा नहीं होता था


- महबूबा से जो समझौता हुआ, उसमें बात हुई कि वह अपनी जिद छोड़कर विकास की बात करें


- राष्‍ट्रवाद का झंडा हम बुलंद करते हैं तो इसमें हमें कोई शर्म नहीं है


- अलगाववादी नेता अपने बच्चों को बाहर बैठाए हुए हैं और गरीबों के बच्चों से पत्थर फेंकवाते हैं


- कश्मीर में सत्ता में आते ही विपक्ष भाषा बदल लेती है


- कश्मीर का मुद्दा आजादी और सियायत का नहीं है। यह इससे भी बड़ा मुद्दा है


- एक सिर के बदले हम 10 सिर लाएंगे और कार्रवाई जरूरी होगी


- लोगों की कश्मीर को लेकर चिंता वाजिब है, हम कोई बहाना नहीं बनाना चाहते


- कश्मीर का युवा भी आज मुख्यधारा से जुड़कर विकास चाहता है


- कश्मीर में सरकार की तरफ से बातचीत जारी है, सिर्फ उन 4 लोगों से ही नहीं बातचीत सभी से होनी चाहिए


- हम हिंदु राष्‍ट्रवाद नहीं बल्कि भारतीय राष्‍ट्रवाद को मानते हैं