#News24conclave: गृहमंत्री राजनाथ ने जांबाज चेतन चीता को किया सम्मानित

नई दिल्ली (13 मई): कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों से मुठभेड़ में गंभीर रुप से घायल होने के बावजूद 3 आतंकियों को मौत के घाट उतारने के बाद मौत से जंग जीतने वाले CRPF के जांबाज कमांडेंट चेतन चीता को आज न्यूज 24 के कॉनक्लेव में सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने देश के जाबांज चेतन चीता को सम्मानित किया।

आपको बता दें कि CRPF कमांडेंट चेतन चीता वो जाबांज जवान हैं तो कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों से मुठभेड़ में 14 फरवरी को गंभीर रुप से घायल हो गए थे और बुरी तरह से घायल होने के बाद भी उन्‍होंने 3 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया था। तकरीबन एक महीने तक कोमा में रहने के बाद 5 अप्रैल को चेतन चीता एम्स से छुट्टी मिलने के बाद घर लौटे हैं।


गौरतलब है कि 14 फरवरी को बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में चीता घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में 3 जवानों की मौत हो गई थी। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद सुरक्षा बलों ने सर्च अभियान चलाया था, लेकिन इसकी जानकारी आतंकियों को पहले ही मिल गई थी।



चेतन ऑपरेशन की अगुआई कर रहे थे। आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान चीता को तकरीबन 30 गोलियां लगी, जिनमें 9 गोलियों ने उन्हें गंभीर रुप से घायल कर दिया। गंभीर रुप से घायल चीता को पहले श्रीनगर के आर्मी अस्पताल लाया गया और लेकिन उनकी हालत को देखते हुए उन्हें एयर ऐंबुलेंस के जरिए दिल्ली के एम्स में भर्ती काराय गया। एम्स में तकरीबन एक महीने तक चेतन चीता कोमा में रहे। लेकिन देश की दुआ, डॉक्टरों की मेहनत, उनके परिवार का समर्पण और चेतन चीता की जिजीविषा की वजह से उनके धीरे-धीरे कोमा से बाहर ले जाने का फैसला किया गया। दो महीने के इलाज के बाद उनकी स्थिति ठीक हुई है।


स्वास्थ्य लाभ कर रहे चेतन चीता का कहना है कि वो कश्‍मीर को बहुत मिस करते हैं और इस वक्त कश्‍मीर को उनकी जरूरत है। उन्‍हें वहां पर होना चाहिए। चीता CRPF की कोबरा (कमांडो बटालियन रेसॉल्‍यूट एक्‍शन) का हिस्‍सा बनना चाहते हैं। कोबरा CRPF की कमांडो यूनिट है। उनका कहना है कि अभी कुछ काम है जो अधूरा है। और ऐसा इसलिए है क्‍योंकि मैं स्‍पेशल हूं।' एक माह कोमा में रहने के बाद अब सीआरपीएफ कमांडेंट चीता स्‍वस्‍थ हो रहे हैं। दो माह तक वह एम्‍स में भर्ती थे। जो नौ गोलियां उन्‍हें लगी थीं उनमें से एक सिर पर लगी थी। फरवरी में जम्‍मू कश्‍मीर के बांदीपुरा में हुए एनकाउंटर में उन्‍हें सिर के अलावा जबड़े और आंख में काफी गंभीर चोट आई थी।