लोकसभा में हंगामे के बाद बोलीं सुषमा स्वराज- कांग्रेस ने की ओछी राजनीति

नई दिल्ली (20 मार्च): विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को संसद में इराक के मोसुल में 2014 में इस्लामिक स्टेट (आईएस) द्वारा अगवा किए गए 39 भारतीयों की मौत की पुष्टि की। विदेश मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि रडार के इस्तेमाल से भारतीयों के शवों का पता लगाया गया। शवों को कब्रों से निकाला गया और डीएनए के जरिए पहचान की पुष्टि हो सकी।

लोकसभा में विदेश मंत्री के बोलने के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया, जिसके कारण सुषमा स्वराज यहां अपना बयान पूरा किए बिना ही बैठ गईं। इसके बाद शाम में सुषमा मीडिया से रूबरू हुईं और उन्होंने इस दौरान लोकसभा में बयान के दौरान हंगामे पर कांग्रेस की आलोचना की। 

सुषमा स्वराज ने कहा कि वो लोकसभा में बयान देना चाहती थीं, लेकिन कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही को बाधित किया. सुषमा ने बताया, 'वेंकैया नायडू ने मुझे कहा कि सभी दलों से बात हो गई है, आप राज्यसभा में आकर अपना बयान दें। राज्यसभा में सभी ने मेरी बात ध्यान से सुनी। इसलिए मुझे लगा कि लोकसभा में भी ऐसा होगा और मैंने लोकसभा स्पीकर से शांतिपूर्वक बयान करवाने की अपील की।'

उन्होंने बताया कि सदन में आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य की मांग को लेकर हंगामा कर रहे सदस्यों ने बयान के दौरान खामोश रहने का आश्वासन दिया. सुषमा ने कहा उनके बयान के दौरान विरोध कर रहे सदस्य शांत रहे, लेकिन आज कांग्रेस ने हंगामे का नेतृत्व किया।

विदेश मंत्री ने ये भी कहा कि कांग्रेस हंगामे के दौरान एक दिन भी खड़ी नहीं हुई, लेकिन जब मैं एक संवेदनशील मसले पर आज लोकसभा में बयान देनी लगीं तो वो खड़े हो गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज ओछी राजनीति की सारी हदें पार कर दीं।