'पानी के नीचे मिले 3800 साल पुराने आलू, हजारों साल पहले भी होती थी बागवानी'

नई दिल्ली (29 दिसंबर): कनाडा में पानी के नीचे 3,800 वर्ष पुरानी बागानी का पता चला है, यहां उस समय के  काले हो चुके सैकड़ों आलू भी मिले हैं। यह इस प्रकार का पहला साक्ष्य है, जो यह बतलाता है कि प्राचीन उत्तरी अमेरिकी फसल के कुशल उत्पादन के लिए जटिल तकनीक का उपयोग करते थे।

कनाडा के सिमन फ्रेजर विश्वविद्यालय के तांजा हॉफमैन की अगुवाई वाले पुरातत्वविदों ने सड़क से जुड़े कार्य के दौरान इस उद्यान का पता लगाया। यह स्थल वषरें से पानी के नीचे रहा है, जिसमें पौधे और लकड़ी के उपकरण अच्छी तरह संरक्षित हैं, जिन्हें समय के साथ विघटित हो जाना था।

अनुसंधानकर्ताओं के मुताबिक इसमें 3,767 पूरे और खंडित दोनों तरह के वापाटो के पौधे पाये गये, जिसे भारतीय आलू भी कहा जाता है। इस अध्ययन का प्रकाशन साइंस एडवांसेज जर्नल में हुआ है।