38 छात्रों ने इस बात को लेकर कटाया स्कूल से नाम

अलवर (4 मई): भले ही केंद्र और राज्य सरकारें बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद करने का दम भरती हो, लेकिन एक साथ 38 लड़कियों के स्कूल से नाम कटवाने को लेकर राजस्थान में हड़कंप मच गया है। यह लड़कियों स्कूल से अपने नाम भी कटवाकर घर बैठ गई हैं।

हालांकि इसके पीछे की वजह जानकर आप काफी हैरान होंगे। इस मामले की शुरुआत एक पखवाड़ा पूर्व उस समय हुई थी जब गांव सूमो-कतोपुरी की एक 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। यह गैंगरेप गांव लाला के युवकों ने किया था। आपको बता दें कि सूमो-कतोपुरी की छात्र-छात्राओं को पढऩे के लिए निकटवर्ती गांव लाला के सीनियर सेकण्डरी स्कूल में जाना पड़ता है। जब ये छात्राएं गांव लाला पहुंचती हैं तो उनके साथ छेड़छाड़ की जाती है।

एक पखवाड़ा पूर्व जब छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया तो दोनों गांवों ने लाला गांव से अपना भाइचारा समाप्त करने की घोषणा की थी। तब से लड़कियों की शिक्षा को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बना रहता था। गांव सूमो-कतोपुरी के 64 छात्र-छात्राएं गांव लाला जाते हैं। इनमें से इस वर्ष 16 विद्यार्थियों ने दसवीं पास कर स्कूल छोड़ दिया है। शेष 48 छात्र-छात्राओं ने भी मंगलवार को अपने नाम स्कूल से कटवा लिए हैं। इन 48 में से लगभग 38 छात्राएं हैं।

गांव सूमो की सरपंच उर्मिला व कतोपुरी के सरपंच सुनील कुमार के गांव पहुंचकर जब हालात का जायजा लिया गया तो बुलाई गई छात्राओं के आपबीती सुनाते हुए आंसू बह चले। छात्राओं ने सुबकते हुए बताया कि स्कूल जाते समय उनके साथ गांव लाला के युवक छेड़छाड़ करते हैं। हमेशा भय का माहौल बना रहता है। जिसके कारण उनकी पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। अब हम कभी लाला गांव के स्कूल में नहीं जाएंगे। हमने अपने नाम स्कूल से कटवा लिए हैं।