तमिलनाडु में खेला गया जलीकट्टू, 37 जख्मी

नई दिल्ली (5 फरवरी): तमिलनाडु में फिर से जलीकट्टू का खेल लौट आया है। आज पूरे प्रदेश में सांड के इस खेल का आयोजन हुआ। तमाम जद्दोजहद और कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार मदुरै के अवनीपुरम में जल्‍लीकट्टू खेल शुरू हो गया है।

इस दौरान खेल में तकरीबन 950 सांडों को शामिल किया गया। साथ ही 1200 खिलाड़ियों ने अपना दम खम दिखाया। एहतिहात के तौर पर डॉक्टर और मेडिकल टीम भी मौजूद थी। मदुरई में 15 मेडिकल टीमें और 20 एंबुलेंस तैनात की गई थीं, बावजूद इसके खेल के दौरान 37 लोगों को चोटें आईं हैं। इसमें 9 लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले जलीकट्टू पर लगे बैन के खिलाफ तमिलनाडु में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद तमिलनाडु सरकार एक अध्यादेश लेकर आई थी और इस खेल पर लगे बैन को हटा लिया गया था।

क्या है जलीकट्टू...

दक्षिण भारत में पोंगल पर प्रचलित कई प्रथाओं में से एक है जल्लीकट्टू। दो शब्दों से मिलकर बना ये खेल तमिलों के लिए काफी मायने रखता है। जली यानी सिक्का और कट्टू यानी बांधना। रिवाज के मुताबिक इंसानों और बैलों के बीच होने वाले इस खूनी खेल में पहले इन नुकीले सींगों पर सिक्कों की एक छोटी-सी थैली बांधी जाती थी। हालांकि अब सांडों को सिर्फ काबू करने वाले को ही विजेता मान लिया जाता है।