''350 इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़कर हो सकती है 1.95 लाख करोड़''

नई दिल्ली ( 17 दिसंबर ): 350 इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की लागत 1.95 लाख करोड़ रुपए बढ़ सकती है। एक सरकारी रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक क्लियरेंस में देरी और फंड की कमी समेत कई अन्‍य वजहों से 350 इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स की लागत 1.95 लाख करोड़ रुपए बढ़ सकती है। इनमें से प्रत्‍येक प्रोजेक्‍ट की लागत 150 करोड़ या उससे अधिक की है।    मिनिस्‍ट्री ऑफ स्‍टैटिस्टिक्‍स एंड प्रोग्राम इम्‍प्‍लीमेंटेशन 150 करोड़ रुपए या उससे ज्‍यादा के प्रोजेक्‍ट्स की मॉनिटरिंग करती है। इस साल सितंबर में जारी मिनिस्‍ट्री की फ्लैश रिपोर्ट के अनुसार, 1263 प्रोजेक्‍ट्स के पूरा होने की कुल वास्‍तविक लागत 15,53,683.89 करोड़ रुपए थी और इनके अब कम्‍प्‍लीट होने पर अनुमानित लागत बढ़कर 17,49,427.56 करोड़ हो सकती है। इस तरह, इन प्रोजेक्‍ट्स पर अब वास्‍तविक अनुमानित लागत से 1,95,743.67 करोड़ रुपए ज्‍यादा खर्च होंगे।  रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2017 तक इन प्रोजेक्‍ट्स पर 6,79,801.38 करोड़ रुपए खर्च हो चुका है। यह प्रोजेक्‍ट्स की अनुमानित लागत का 38.86 फीसदी है। 1263 प्रोजेक्‍ट्स में से 350 की लागत बढ़ गई है और 297 प्रोजेक्‍ट्स देरी से चल रहे हैं।   रिपोर्ट के अनुसार, इन 1263 प्रोजेक्‍ट्स में 14 प्रोजेक्‍ट समय से पहले, 307 समय पर, 297 देरी से, 350 की लागत बढ़ी और 103 प्रोजेक्‍ट्स का समय और लागत दोनों ही अपने निर्धारित अनुमान से बढ़ गई है।  हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि प्रोजेक्‍ट्स के पूरा होने के संशोधित शेड्यूल के आधार पर डिेले प्रोजेक्‍ट्स की संख्‍या देखें तो यह घटकर 249 रह गई है।