चीन ने 32 मिशनरियों को देश से निकाला

नई दिल्ली ( 12 फरवरी ): दक्षिणी चीन सागर को लेकर हुए विवाद के बीच चीन ने अपने यहां काम कर रहे 32 दक्षिण कोरियाई मिशनरियों को देश से निकाल दिया है। ये सभी मिशनरियां चीन के उत्तर-पूर्वी यांजी प्रांत में उत्तर कोरिया की सीमा पर दशकों से काम कर रही थीं।

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईसाई मिशनरियों को पिछले माह जनवरी में देश निकाला दिया गया है। इससे पहले मंत्रालय ने इन मिशनरियों को अपने कार्यक्षेत्र में कानून एवं कस्टम के पालन की महत्ता को लेकर नसीहत भी दी थी।

सियोल में अज्ञातवास में रह रही दक्षिण कोरिया की मिशनरी ने बताया कि कोरियाई-अमेरिकी पादरी समेत कोरिया की मिशनरी से जुड़े 4 लोगों को चीन की पुलिस ने यांजी होटल में पकड़ रखा है। 32 लोगों को चीन के बाहर खदेड़ने की पुष्टि करने वाले दक्षिणी कोरिया के अधिकारी ने बताया कि इन में से एक कोरियाई युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा कि जरूरत पड़ने पर हम उसे काउंसलर सेवा देंगे।

माना जा रहा है कि चीन द्वारा यह कार्रवाई दक्षिण कोरिया की उस योजना का बदला लेने के लिए की गई है जिसमें सियोल ने अमेरिका को अपने यहां टर्मिनल हाई एल्टिट्यूड एरिया डिफेंस (थाड) सिस्टम स्थापित करने की अनुमति दी। दक्षिण कोरिया ने अमेरिका को यह अनुमति उत्तर कोरिया द्वारा मिसाइल हमले के डर के चलते दी थी। हालांकि सियोल के अधिकारी ने मिशनरियों पर हुई कार्रवाई और मिसाइलों की तैनाती के बीच सीधा संबंध होने से इनकार किया। जबकि दक्षिण कोरिया में आम नागरिकों के बीच यही माना जा रहा है कि यह चीन की प्रतिशोध की कार्रवाई है।