32 लाख ATM कार्ड के पिन चोरी होने का खतरा, डेबिट कार्ड की सुरक्षा में लगी सबसे बड़ी सेंध

 

नई दिल्ली ( 20 अक्टूबर ) : आज कल करीब सभी लोगों के पास बैंकों के एटीएम हैं और हम पैसे की जरूरत पड़ने पर कहीं भी किसी बैंक के एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं, लेकिन अब कार्डधारियों के साथ धोखाधड़ी खतरा मंडरा रहा है। खबर की माने तो 32 लाख बैंक ग्राहकों के एटीएम कार्ड के पिन चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। 

अगर आप किसी बैंक का डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए यह खबर चौकाने वाली हो सकती है। कहा जा रहा है कि भारतीय बैंक अपने 32 लाख से भी ज्यादा ग्राहकों के डेबिट कार्ड या तो रिप्लेस कर सकते हैं या फिर पिन चेंज करने के निर्देश दे सकते हैं। इसके अलावा बिना पिन डाले होने वाली इंटरनेशनल ट्राजेक्शन को भी ब्लॉक किया जा रहा है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि लोगों का डेटा चोरी होने का डर है, जिसका दुरुपयोग चीन से हो रहा है। माना जा रहा है कि यह भारत के फाइनेंशियल डेटा में अब तक की सबसे बड़ी सेंधमारी हो सकती है।

दरअसल एक एटीएम के जरिए इन 32 लाख डेबिट कार्ड में वायरस फैल गया है। इसी वजह से इन कार्ड का डाटा लीक होने का खतरा बना हुआ है। संदिग्ध 32 लाख डेबिड कार्ड में से 26 लाख VISA और  MasterCard  के हैं, वहीं 6 लाख RuPay प्लेटफॉर्म के हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित बैंक में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और एक्सिस बैंक बताए जा रहे हैं।

वायरस का मामला असल में हिताची की एटीएम मशीनों की वजह से फैला है, जिसके जिम्मे Yes बैंक का एटीएम नेटवर्क है। मामला पहली बार जुलाई में सामने आया था। इसके एटीएम में कार्ड यूज करने के बाद अलग-अलग बैंकों के कई यूजर्स ने बैंकिंग फ्रॉड की शिकायत की है। किसी के पैसे निकाल लिए गए तो किसी के डेबिट कार्ड ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि, हिताची ने इससे इनकार किया है।

बता दें कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने खतरे को भांपते हुए अपने 6 लाख ग्राहकों के एटीएम कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं। बैंक का कहना है कि सिर्फ उन्हीं लोगों के कार्ड ब्लॉक किए गए हैं, जिन्होंने दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल किया है। वायरस अटैक के कारण इन कार्ड के क्लोन बन जाने का खतरा था। एसबीआई ने यह कदम बिना ग्राहकों को पूर्व सूचना दिये उठाया, हालांकि बाद में इमेल भेज कर ग्राहकों को नये कार्ड बनाने के आवेदन देने को कहा है।