300 प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज हो जाएंगे बंद!

नई दिल्ली ( 2 दिसंबर ): देशभर के 300 से ज्यादा प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। इन कॉलेजों को साल 2018-19 के एकैडेमिक सेशन से ऐडमिशन नहीं लेने को कहा जाएगा। इन कॉलेजों में लगातार पिछले 5 सालों से 30 पर्सेंट ऐडमिशन भी नहीं हो रहे हैं। 

एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक ऐसे ही 500 अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों पर भी नजर रखी जा रही है जिनमें तय सीटें पर ऐडमिशन नहीं हो रहे हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने ऐसे सभी कॉलेजों को साइंस कॉलेज या वॉकेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में बदलने को कहा है। एआईसीटीई की वेबसाइट के मुताबिक भारत में 3,000 के लगभग प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेज है जिनमें 13.56 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। इन कॉलेजों में से लगभग 800 कॉलेज में तय सीटों पर 50 पर्सेंट से भी कम ऐ़डमिशन हो रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मंत्रालय के सूत्रों ने कहा जिन 300 कॉलेजों को बंद करने को कहा जा रहा है उनमें से 150 कॉलेजों में 20 पर्सेंट से भी कम सीटों पर ऐडमिशन हुआ है। 

एआईसीटीई के अधिकारी अनिल डी सहस्त्रबुद्धे ने कहा, 'हम इस मामले पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। इन कॉलेजों को बंद करना एक आसान उपाय है लेकिन इसमें कई समस्याएं भी हैं। इन कॉलेजों में भारी-भरकम निवेश किया गया है और इन पर बैंक का लोन भी है। इसलिए जो कॉलेज बिल्कुल बॉर्डर लाइन पर हैं उन्हें बंद नहीं किया जाएगा लेकिन उन्हें किसी दूसरे ऑप्शन पर विचार करने को कहा जाएगा।'