पढ़ें गैस कंपनी का वह खत, जिसने 1 अगस्त को ही बताया था, अब नहीं देंगे ऑक्सीजन

नई दिल्ली (11 अगस्त): सीएम योगी के संसदीय क्षेत्र में 30 बच्चों की मौतों पर राज्य सरकार भले ही सफाई देने में लगी हुई है, लेकिन यह सच है कि यहां पर मौतों का कारण प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही है। न्यूज 24 के पास उस कंपनी का पत्र है, जो उसने 1 अगस्त को बीआरडी अस्पताल में प्रधानाचार्य को भुगतान नहीं होने पर ऑक्सीजन सप्लाई बंद करने के लिए लिखा था।

 

बीआरडी अस्पताल जिस कंपनी से गैस लेता था, उसने अपने पत्र में साफ-साफ लिखा है कि उसने दूरभाष, पत्र और व्यक्तिगत तौर पर मिलकर अपना बकाया करीब 64 लाख का भुगतान करने के बारे में कई बार कहा है। लेकिन इस बारे में कोई सुनवाई नहीं होते देख वह 4-5 दिन के अंदर ऑक्सीजन गैस की सप्लाई बंद कर देगी। हालांकि इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली और इतना बड़ा हादसा हो गया।

आपको बता दें कि गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से 30 बच्चों की मौत हो गई है। मरने वालों में 10 बच्चे एनएनयू वार्ड और 10 इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि 66 लाख रुपये का भुगतान न होने की वजह से फर्म ने ऑक्सीजन की सप्लाई ठप कर दी थी। लिक्विड ऑक्सीजन तो गुरुवार से ही बंद थी और आज सारे सिलेंडर भी खत्म हो गए। इंसेफेलाइटिस वार्ड में मरीजों ने दो घंटे तक अम्बू बैग का सहारा लिया। बीआरडी अस्पताल में दो साल पहले लिक्विड आक्‍सीजन का प्‍लांट लगाया गया था। इसके जरिए इंसेफेलाइटिस वार्ड सहित करीब तीन सौ मरीजों को पाइप के जरिए आक्‍सीजन दी जाती है।