देश में रोडरेज से रोजाना तीन लोग गंवा देते हैं अपनी जान

नई दिल्ली (12 मार्च): देश में रोडरोज के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रोडरेज’ की घटनाओं के कारण देश में हर रोज औसतन 3 लोग मारे जा रहे हैं। साल 2015 में पूरे देश में रोडरेज के 3782 मामले दर्ज किये गए और इन घटनाओं में 4702 लोग घायल हुए तथा इस दौरान मारपीट और संघर्ष में 1388 लोगों की मौतें हुई।

इसी प्रकार से साल 2016 में देश में रोडरेज के 1643 मामले दर्ज किये गए जिसमें 1863 लोग घायल हुए और 788 लोगों की मौत हुई। भाजपा सांसद रतन लाल कटारिया ने रोडरेज के विषय को लोकसभा में उठाया था और इस विषय की गंभीरता की ओर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यह गंभीर विषय है और देश में रोडरेज की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए ठोस कानून बनाने के बारे में विचार किए जाने की जरूरत है। 

-गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबकि, दिल्ली में साल 2015 में रोडरेज के 43 मामले दर्ज किये गए जिसमें 47 लोग घायल हुए और कोई मौत नहीं हुई। साल 2016 में दिल्ली में रोडरेज के 40 मामले दर्ज किये गए जिसमें 22 लोग घायल हुए और 2 लोगों की मौत हुई। 

-साल 2015 में उत्तरप्रदेश में रोडरेज के 265 मामले दर्ज किए गए जिसमें 272 लोग घायल हुए और 4 लोगों की मौत हुई। साल 2016 में उत्तरप्रदेश में रोडरेज के 217 मामले दर्ज किये गए जिसमें 220 लोग घायल हुए और 6 लोगों की मौत हुई।

-2015 में मध्य प्रदेश में रोडरेज के 106 मामले दर्ज किए गए जिसमें 556 लोग घायल हुए और 87 लोगों की मौत हुई। 2016 में मध्य प्रदेश में रोडरेज के 137 मामले दर्ज किए गए जिसमें 130 लोग घायल हुए और आठ लोगों की मौत हुई।

-जम्मू कश्मीर में 2015 में रोडरेज के 265 मामले दर्ज किए गए। इसमें 433 लोग घायल हुए और 43 लोगों की मौत हुई। 2016 में जम्मू कश्मीर में रोडरेज के 319 मामले दर्ज किए गए जिसमें 610 लोग घायल हुए और 70 लोगों की मौत हुई।

-साल 2015 में राजस्थान में रोडरेज के 139 मामले दर्ज किये गए जिसमें 86 लोग घायल हुए और कोई मौत नहीं हुई।  साल 2016 में राजस्थान में रोडरेज के आंकड़े शून्य दर्शाये गए हैं।

-साल 2015 में बिहार में रोडरेज के 47 मामले दर्ज किये गए जिसमें 41 लोग घायल हुए और 7 लोगों की मौत हुई। साल 2016 में बिहार में रोडरेज के 5 मामले दर्ज किये गए जिसमें 9 लोग घायल हुए और 1 व्यक्ति की मौत हुई।