कई अमीर देशों से अधिक केरल की इन तीन कंपनियों के पास है सोना

नई दिल्ली ( 27 दिसंबर ): केरल की तीन गोल्ड लोन कंपनियों के पास कई अमीर देशों के रिजर्व से भी अधिक सोना है। यह कपनियां है मुथूट फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस और मुथूट फिनकॉर्प के पास करीब 263 टन (करीब 2,63,000 किलोग्राम) सोने की जूलरी रखी है। यह सोना बेल्जियम, सिंगापुर, स्वीडन और ऑस्ट्रेलिया के पास रखे गोल्ड रिजर्व से कहीं ज्यादा है।

दुनिया में सोने की कुल मांग का 30 फीसद हिस्सा भारत का है। यहां लाखों लोग सेफ मनी के रूप में सोना खरीदते हैं। साथ ही इसका सामाजिक महत्व भी बहुत है। केरल में दो लाख लोग गोल्ड इंडस्ट्री में काम करते हैं। भारत में बड़ी संख्या में लोग सोना गिरवी रखकर लोन लेते हैं।

दो साल पहले मुथूट फाइनेंस के पास 116 टन (1,16,000 किलो) सोना था जो अब 150 टन (1,50,000 किलो) हो गया है। यह दुनिया के अमीर देशों में शुमार सिंगापुर (127.4 टन), स्वीडन (125.7), ऑस्ट्रेलिया (79.9 टन), कुवैत (79 टन), डेनमार्क (66.5 टन) और फिनलैंड (49.1 टन) के पास रिजर्व के रूप में रखे सोने से भी अधिक है। भारत में सोना रखने के मामले में मणप्पुरम फाइनेंस और मुथूट फिनकॉर्प भी बड़े खिलाड़ी हैं। इनके पास क्रमशः 65.9 और 46.88 टन सोना रखा है। इन तीनों कंपनियों के पास कुल 262.78 टन सोना रखा है।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, गोल्ड रिजर्व रखने के मामले में भारत दुनिया में ग्यारहवें स्थान पर आता है। अमेरिका इस मामले में सबसे आगे है। उसके पास 8,134 टन सोना रिजर्व में रखा है। वहीं जर्मनी और आईएमएफ (इंटरनैशनल मॉनिटरी फंड) के पास क्रमशः 3,378 और 2,814 टन सोना है। गोल्ड फील्ड्स मिनरल सर्विसेज़ (GFMS) के गोल्ड सर्वे के मुताबिक, भारत सोने का उपभोग करने वाले देशों में सबसे ऊपर है। साल 2016 के तीसरे तिमाही तक यहां 107.6 टन सोने की खपत हुई। तुलनात्मक रूप से इसी समय में पूरे यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में सिर्फ 67.1 टन सोना खरीदा-बेचा गया। इस मामले में चीन दूसरे नंबर पर है। यहां 98.1 टन सोने की खपत हुई।