BREAKING: 2जी घोटाले में सभी आरोपी बरी

नई दिल्ली(21 दिसंबर): देश के सबसे बड़े घोटाले में से एक 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, द्रमुक सांसद कनिमोझी को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।  

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सुनवाई छह साल पहले 2011 में शुरू हुई थी जब अदालत ने 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे।

कब सामने आया टूजी घोटाला साल 2010 में सीएजी (महालेखाकार और नियंत्रक) की एक रिपोर्ट आई थी। इस रिपोर्ट में साल 2008 में बांटे गए स्पेक्ट्रम पर सवाल किए गए थे। रिपोर्ट में बताया गया था कि स्पेक्ट्रम की नीलामी नहीं की गई, बल्कि इसे कंपनियों को 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर बांटा गया था। साथ ही बताया गया था कि इससे सरकार को एक लाख 76 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। बताया गया था कि अगर नीलामी के आधार पर लाइसेंस बांटे जाते तो ये रुपए सरकार के खजाने में जाते। 

कौन-कौन हैं आरोपी? इस घोटाले में यूपीए में दूरसंचार मंत्री रहे ए राजा पर आरोप लगाया गया था। ए राजा पर आरोप था कि उन्होंने साल 2001 में तय की गई रेट के हिसाब से लाइसेंस बांटे हैं, जिससे सरकार को घाटा हुआ है। इसके साथ ही उन पर आरोप था कि उनकी पसंदीदा कंपनियों को लाइसेंस दिए गए हैं। ए राजा को इस मामले में जेल भी काटनी पड़ी थी, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी और अब वह बाहर हैं। इस मामले में तमिलनाडू के पूर्व मुख्यमंत्री एम करूणाधि की बेटी कनिमोझी को भी जेल हुई थी, कनिमोझी को भी बाद में जमानत मिल गई थी। इनके साथ ही कई कंपनियों और बड़ी हस्तियों पर घोटाले का आरोप लगा था। प्रधानमंत्री कार्यालय और तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर भी सवाल उठाए गए थे। ए राजा ने अपनी सफाई में कहा था कि उन्होंने जो भी फैसले लिए थे, वो तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जानकारी में लिए थे।