मुंबई हमले के 9 साल: चश्मदीद बोली- 'गन होती तो कसाब को कोर्ट में मार देती'

मुंबई(26 नवंबर): 26/11 मुंबई हमले की आज 9वीं बरसी है। मुंबई आतंकी हमले को आज भी कोई भुला नहीं पाया है। हमले के प्रत्यक्षदर्शी उस मंजर को याद कर कांप उठते हैं। एक तरफ निर्दोषों की निर्मम हत्या का दुख है तो वहीं हमले के मास्टरमाइंड के आज तक पकड़े नहीं जाने का गुस्सा भी। लोग कहते हैं कि मुंबई हमले के गुनहगार हाफिज सईद को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जो फिलहाल पाक में आजाद घूम रहा है। 

देविका ने अपनी आंखों से खूनी खेल का वो खौफनाक मंजर देखा था। उनकी जान तो बच गई पर बेगुनाह लोगों के मारे जाने का उन्हें दुख है। देविका कुछ भी भूली नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैंने कसाब को कोर्टरूम में देखा तो काफी गुस्सा आया था। मुझे लगा अगर मेरे हाथ में गन होती तो मैं उसे वहीं मार देती। वैसे भी कसाब एक 'मामूली मच्छर' था, उम्मीद है बड़े आतंकियों को भी किसी दिन सजा मिलेगी।' 

हमलों के गवाह मो. तौफीक आज भी उस दिन की याद कर परेशान हो जाते हैं। उन्होंने कहा, 'जब भी 26/11 के बारे में सोचता हूं, व्याकुल हो जाता हूं। मैंने कई घायलों को बचाया था। मैं उस दिन का इंतजार कर रहा हूं जब इस हमले का मास्टरमाइंड पकड़ा जाएगा।' एक अन्य पीड़ित ने कहा, 'मेरी बेटी बस 9 साल की थी जब उसे गोली लगी थी। हां, हम खुश हैं कि कसाब को फांसी दी गई पर पूरी तरह नहीं क्योंकि हमले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में अभी तक जिंदा है।'