2234 लोगों को गलत खून चढ़ाने से HIV, यूपी लिस्ट में टॉप पर : RTI

नई दिल्ली ( 31 मई) : एक आरटीआई से खुलासा हुआ है कि 2234 लोगों को दूषित ख़ून चढ़ाने की वजह से एचआईवी संक्रमण हुआ। ये सारे केस अक्टूबर 2014 से मार्च 2016 के बीच रिपोर्ट हुए।

नेशनल एडस कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (नाको) ने एक्टिविस्ट चेतन कोठारी की ओर से दाखिल आरटीआई के जवाब में दूषित ख़ून से हुए संक्रमण को लेकर आंकड़े जारी किए हैं।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई ब्लड बैंक मानकों का उल्लंघन कर रहे हैं। इससे लोगों में घातक बीमारियों का संक्रमण हो रहा है।

'हिंदू' अखबार ने नाको की सालाना वार्षिक रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि सितंबर 2014 तक खून का कलेक्शन 30 लाख यूनिट था। इसमें 84 फीसदी यूनिट स्वैच्छिक रक्तदान से मिले।

नाको ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज़्यादा 361 एचआईवी संक्रमण के केस मिले। दूसरे नंबर पर गुजरात रहा जहां 292 ऐसे केस सामने आया।

क़ानून के मुताबिक डोनर्स/दान दिए गए रक्त की पहले ये जांच की जानी चाहिए कि कहीं वो एचआईवी, एचबीवी और हेपेटाइटिस सी, मलेरिया और सिफलिस से संक्रमित तो नहीं है।

नाको की 2015 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2011 में एचआईवी/एडस मरीजों की संख्या 20.9 लाख थी। इनमें से 86 फीसदी मरीज 15 से 49 के बीच आयुवर्ग के थे।