दुनिया के सभी सुख छोड़ इस लड़की ने अपनाया वैराग्य, बताया ये कारण...

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 जनवरी): आज की दुनिया में हर कोई पैसा और शोहरत कमाना चाहता है, लेकिन इन सबसे अलग चलकर जब कोई खूबसूरत लड़की वैराग्य का जीवन अपनाने का फैसला करती है तो यह खबर अपने आप में हैरान करती है। खबर इंदौर से है, जहां पर 22 साल की लड़की सिमरन जैन ने दुनिया के सभी मोह को त्यागकर संन्यासन बनने का निर्णय किया तो पूरे शहर में खबर आग की तरह फैल गई।

इंदौर के बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स में सिमरन जैन भगवत दीक्षा लेकर साध्वी श्री गौतमी जी बनीं। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग भी मौजूद रहे। अब वो साध्वी मुक्ताश्री के सानिध्य में वैराग्य के मार्ग पर चलेंगी। इससे पहले राजवाड़ा के पास से उनकी सवारी महावीर भवन से निकली। इसमें दीक्षा लेने वाली सिमरन ने सांसारिक परिधान में बग्घी पर सवार हुई। ये यात्रा रेसकोर्स रोड स्थित बास्केटबॉल कॉम्प्लेक्स पहुंचीं। यहां संतो की अनुमति से केश लोचन सहित दीक्षा की विभिन्न विधियां हुईं और वो साध्वी श्री गौतमी जी बनीं।

सिमरन ने बीएससी कम्प्यूटर साइंस से किया है। उनके घर में माता-पिता, एक बहन और दो भाई हैं। बहन मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। दीक्षा के बाद सिमरन के पिता अशोक गौड़ ने कहा कि हमारी ओर से बेटियों को अपनी इच्छा के अनुरूप जीवन जीने की अनुमति है। हमने सोचा था कि पढ़ने-लिखने के बाद करियर बनाएंगे या शादी करेंगे, लेकिन सिमरन की इच्छा दीक्षा लेने की ही थी। दीक्षा से पहले सिमरन सुर्ख लाल जोड़े में नजर आईं।

रविवार को सिमरन ने हाथों पर मेंहदी रचाई और परिजनों के साथ वक्त बिताया था और उन्होंने इच्छानुसार अंतिम बार मनपसंद खाना खाया। दीक्षा लेकर साध्वी बनने के बाद उनका संयम का सफर शुरू हो गया है। दीक्षा लेने के बाद साध्वी गौतमी ने कहा कि वैराग्य की राह मुश्किल है। मैं दुनियाभर घूम चुकी हूं, लेकिन सुकून नहीं मिला। फिर जब मैं गुरुजनों के सानिध्य में आई, तब जाकर असली सुख की प्राप्ति हुई। मुझे चकाचौंथ भरी यह लाइफ रास नहीं आई। इसलिए मैंने वैराग्य लिया।