कृष्ण के जन्म पर दी गई 400 साल पुरानी 21 तोपों से सलामी

नई दिल्ली (26 अगस्त): राजस्थान के श्रीनाथद्वारा में कृष्ण के जन्म का स्वागत 21 तोपों की सलामी देकर किया गया। सालों से यहां इसी तरह कृष्ण जन्माष्टमी मनाने की परंपरा है। यहां पर 400 साल पुराणी तोपों से 21 सलामी भगवान् को दी जाती है और बाकायदा इन तोपों से गोलों को उसी परम्परा और विधि से दागा जाता है जैसा सालों पहले इनसे फायर किया जाता था। यही नहीं इन तोपों को सेना के जवान नहीं बल्कि भगवान् श्रीनाथ जी के गार्ड ही दागते हैं। 

इसके लिए कई दिन पहले ही श्रीनाथ जी के गार्डों द्वारा मंदिर की अमानत के तौर पर रखे गए 400 साल से भी ज्यादा पुराने इन पुरानी तोप को साफ कर मंदिर से बाहर रख देते हैं और आधी रात को जैसे ही मंदिर से कृष्ण जन्म का संकेत मिलता है। हजारों लोगों के बीच में 21 सलामी लगते ही कृष्ण जन्म की खुशियां मनाने हर कदम मंदिर की तरफ बढ़ता है। पुरे देश में नाथ द्वारा ही एकमात्र एसा स्थान है, जहां कृष्ण जन्म के अवसर पर 21 तोपो की सलामी दी जाती है और इसे देखने के लिए लिये देर राञि तक भी लाखो की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

श्रीनाथद्वारा में स्थानीय लोग और व्यापारियों द्वारा एक महीने पहले से पर्व की तैयारी शुरू कर दी जाती है। कहने को तो यह छोटा का कस्बा है लेकिन भक्तों की इस जगह पर आस्था इतनी है की यहाँ के 100 से ज्यादा होटल-धर्मशालाओं में 2000 से ज्यादा कमरों में जन्माष्टमी पर जगह नहीं बचती है। भक्तों के लिए इस दिन इसलिए भी ख़ास है क्योंकी सिर्फ जन्माष्टमी पर्व पर श्रीकृष्ण के तीनों स्वरूप श्रीनाथजी, मदनमोहनलाल जी, बालकृष्ण लाल जी को पंचामृत स्नान के दर्शन अनूठे रहते हैं।