2016: साल भर फर्जी खबरों ने भी खूब छकाया

नई दिल्ली (31 दिसंबर): इस साल दुनिया की दो सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग और इंटरनेट कंपनियों फेसबुक और गूगल को इस तरह की फर्जी खबरों की वजह से कानूनी दांवपेच का सामना भी करना पड़ा। एक नजर 2016 में वायरल हुई फर्जी खबरें:

1- व्हाट्सएप पर फैली इस फर्जी खबर में व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वालों को चेतावनी दी गई कि वे व्हाट्सएप की प्रोफाइल में लगी तस्वीर हटा लें, क्योंकि आतंकवादी संगठन आईएसआईएस उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है।

व्हाट्सएप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के हवाले से यह फर्जी खबर प्रसारित की गई और संदेश के नीचे दिल्ली के तथाकथित पुलिस आयुक्त ए.के. मित्तल के हस्ताक्षर भी थे।

2- बीबीसी इंडिया के पूर्व ब्यूरो चीफ और जाने-माने पत्रकार मार्क टुली के हवाले से एक फर्जी खबर फैली कि टुली ने मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति समर्थन जताता है। साथ ही कहा गया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर बरगद के किसी पेड़ की तरह सरकारी संस्थानों को निष्प्रभावी करने का आरोप लगाया है। टुली ने अपने स्तंभ के जरिए इसका खंडन किया।

3- नोटबंदी के बाद फैली इस अफवाह ने तो आम नागरिकों के साथ-साथ मीडिया के एक समूह को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के कुछ ही देर बाद यह अफवाह फैलने लगी, जिसमें दावा किया गया कि आरबीआई द्वारा जारी किए गए 2 हजार रुपये के नए नोटों में जीपीएस चिप लगी हुई है, जिससे सरकारी एजेंसी कभी भी कहीं भी रखे नोट का पता लगा सकती है।

यहां तक दावा किया गया कि इन नए नोटों को अगर जमीन के अंदर 120 मीटर नीचे तक दबा दिया जाए तो भी इसमें लगी जीपीएस चिप से सरकार को संकेत मिलेंगे। इस अफवाह का लाभ उठाते हुए कुछ लोगों ने निजी तौर पर ऐसे मोबाइल एप विकसित कर दिए, जिसमें स्कैन करने पर नोट के अंदर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण चलने लगता है।

4- यूनेस्को के हवाले से इस साल कई फर्जी खबरें फैलीं, जिनमें एक खबर यह भी रही कि यूनेस्को द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र को बेस्ट पीएम घोषित किया गया है। यह फर्जी खबर अभी भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

5- तमिलनाडु की सत्तारूढ़ अन्ना द्रमुक पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद इस तरह की खबरें वायरल हुईं कि उनकी एक बेटी है, जो अमेरिका में रहती है और वही उनकी उत्तराधिकारी है। इस संदेश के साथ जयललिता की एक तस्वीर भी प्रसारित हुई, जिसमें उनके बगल में खड़ी एक लड़की के उनकी बेटी होने का दावा किया गया।इस अफवाह का खंडन प्रख्यात गायिका और टेलीविजन शो होस्ट चिन्मई श्रीपता ने किया। उन्होंने बताया कि तस्वीर में दिख रही लड़की का जयललिता से कोई संबंध नहीं है और वह आस्ट्रेलिया में रहती है।

6- नोटबंदी की घोषणा से महीने भर पहले ही इस तरह की अफवाहें फैलीं कि आरबीआई ने 10 रुपये के सिक्के को अवैध घोषित कर दिया है। इस खबर के चलते आम नागरिकों को परेशानी तब झेलनी पड़ी, जब दुकानदार 10 रुपये के सिक्के लेने से मना करने लगे। बाद में आरबीआई को घोषणा करनी पड़ी कि 10 रुपये के सिक्के वैध हैं और उन्हें लेने से मना करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

7- 2016 में स्वतंत्रता दिवस के आस-पास यह झूठी खबर सोशल मीडिया पर खूब फैली कि यूनेस्को ने भारत के राष्ट्रगान 'जन गण मन...' को दुनिया का बेस्ट राष्ट्रगान घोषित किया। यह अफवाह पहली बार 2008 में ईमेल के जरिए से फैली थी और तब यूनेस्को ने इसका खंडन भी किया था।

8- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद, भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए 2000 के नए नोटों को लेकर भी अफवाह फैली थी। जिसमें कहा गया था कि यूनेस्को ने भारत के  2000 रुपये के नोट को दुनिया की बेस्ट करंसी बताया है। यूनेस्को की सांस्कृतिक जागरूकता विभाग के अध्यक्ष सौरभ मुखर्जी के हवाले से यह अफवाह फैली।

9- इस खबर ने किराने की दुकानों पर नमक लेने वालों का तांता लगा दिया और कई जगहों पर तो बहुत ऊंचे दामों पर नमक भी बिका। कानपुर में लोग एक दुकान में नमक के पैकेट लूटने लगे और भगदड़ के बीच पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने से एक महिला की मौत तक हो गई।

10- नोटबंदी को लेकर कई तरह की खबरें फैलीं और इन्हीं में एक अफवाह के मुताबिक, नए नोटों में रेडियोधर्मी स्याही का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी मदद से आरबीआई बड़ी संख्या में एक साथ रखे गए नोटों का पता लगा सकती है। नोटबंदी के बाद कई जगहों से बड़ी संख्या में नए नोटों की बरामदगी के पीछे इस रेडियोधर्मी स्याही को ही वजह बताई गई।