2010 के बाद 2 लाख से ज्यादा जमा करने वाले IT के रडार पर

नई दिल्ली(20 दिसंबर): आयकर विभाग ने संदिग्ध लेन-देन और बैंक खातों की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अभी तक नोटबंदी के दौरान हुए लेन-देनों को ही खंगाला जा रहा था। विभाग की नजर अब छह से सात साल पहले बैंक खातों में नकद जमा किए गए पैसों पर भी है।

2010-11 के बाद से किसी भी साल दो लाख रुपए से ज्यादा कैश बैंक खाते में जमा कराने वाले लोग आयकर के रडार पर हैं। 

एक वरिष्ठ अफसर के मुताबिक, 2010-11 के दौरान रिटर्न का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाने लगा था। जिन लोगों के रिटर्न में नकद राशि की जानकारी नहीं दी गई है या फिर दी गई जानकारी रिटर्न डिटेल्स से मेल नहीं खा रही है उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं।