IIT, IIM में ड्रॉप-आउट रेट बढ़ा, 2 साल में 2,000 छात्रों ने छोड़ा कोर्स

नई दिल्ली (21 अगस्त): IIT और IIM में दाखिला लेने के लिए कितनी कठिन मेहनत करनी होती है इस बारे में तो आप जानते ही हैं। लाखों कैंडिडेंट्स इनमें दाखिले के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। जिनमें से गिनती के कुछ हजार लोगों को ही दाखिले का मौका मिलता है। लेकिन दाखिले के बाद भी इन टॉप संस्थानों में छात्रों का ड्रॉपआउट रेट तेजी से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन बड़े कॉलेज, यूनिवर्सिटी में प्रवेश पाने के बाद कई छात्र कोर्स को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इन संस्थानों से मिले डेटा के अनुसार अभी तक करीब 2000 छात्र संस्थान छोड़ चुके हैं। - ड्रॉप आउट का रेट IIT -दिल्ली में सबसे ज्यादा है। 2014 से 2016 के बीच 699 छात्र संस्थान को छोड़ चुके हैं।  - IIT -खड़गपुर में यह संख्या इस समय सीमा में 544 है।  - IIT -बॉम्बे में 143 छात्रों ने संस्थान छोड़ा है।  - IIT -बॉम्बे के डायरेक्टर देवांग खाखर ने बताया, 'संस्थान छोड़ने वाले अधिकतर छात्र पीएचडी करने वाले होते हैं।'  - इसका कारण पीएचडी छात्रों का प्रदर्शन नहीं बल्कि पीएचडी करने का लंब पीरियड होता है। - IIM छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में भी पिछले सालों में तेजी आई है। - 2003 से 2005 के बीच IIM 37 छात्रों ने छोड़ा।  - 2006 से 2008 के बीच यह नंबर बढ़ कर 69 हो गया और 2014-16 के बीच यह 104 को पार कर गया। - IIM कलकत्ता के फैकल्टी मेंबर ने कहा कि इसकी एक वजह प्रदर्शन है।  - उन्होंने बताया कि एक संस्थान में प्रवेश के बाद सभी छात्र एक ही प्लेटफॉर्म पर होते हैं।  - 6 साल पुराने IIM -रायपुर में पिछले दो सालों में 20 छात्र संस्थान छोड़ चुके हैं जो सभी संस्थानों में सबसे ज्यादा है।