मोदी सरकार ने बनाया ये प्लान, बंद होंगे 2000 के नोट!


नई दिल्ली (23 जुलाई): 2000 के नए नोट जारी करने के बाद इसका विरोध भी हुआ था। भले ही सरकार ने भ्रष्‍टाचार और काले धन को मुद्दा बनाकर पुराने 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए थे, लेकिन 2000 का नोट जारी करने के बाद सरकार पर ही सवाल खड़े हो गए थे। ऐसे में मोदी सरकार ने अब इसको लेकर एक खास प्लान बनाया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरबीआई अब मार्केट में 50, 100 और 500 रुपये के नोटों की सप्लाई बढ़ाएगा। अगस्त अंत तक 200 रुपये के नए नोट भी मार्केट में आ सकते हैं। कहा जा रहा है कि छोटे नोटों की संख्या बढ़ाने का मतलब 2000 रुपये के नोट को बाहर का रास्ता दिखाने की शुरुआत हो सकती है। एसबीआई अपने एटीएम रीकैलिब्रेट कर रहा है, ताकि 500 रुपये के नोटों को ज्यादा जगह मिले।

क्या है मंशा?
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार नोटों की छपाई के लिए प्रॉडक्शन प्लानिंग की बैठक हुई थी। बैठक में रिजर्व बैंक ने 2000 के सौ करोड़ नोट छापने का प्रस्ताव रखा था, मगर वित्त मंत्रालय ने 2000 के नोट छापने का प्रस्ताव नामंजूर कर दिया गया था। हालांकि बाकी छोटे नोट छापने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

सरकार छोटे नोटों की सप्लाइ बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके 2 फायदे हैं। एक, जाली मुद्रा की साजिश पर लगाम लगेगी। दूसरा, सरकार चाहती है कि लोग कैश की जगह कार्ड से पेमेंट ज्यादा करें। बड़े नोट की कमी होने से लोगों को बड़ी राशि का कैश से पेमेंट करने में दिक्कत आएगी। ऐसे में वे ऑनलाइन या कार्ड से पेमेंट करेंगे। इससे कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा मिलेगा।

पिछले कुछ हफ्तों से एटीएम में 2000 रुपये के नोट की कमी देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार आरबीआई ने पिछले कुछ हफ्तों से बैंकों को 2 हजार रुपये के नोटों की कम आपूर्ति की है। इस कारण बैंक अब एटीएम में भी 2000 के नोट को कम भर रहे हैं। ऐसे में लग रहा है कि एटीएम से 2000 रुपये के नोट की जगह खत्म की जा रही है।