चूरन वाले नोटों से बना करोड़पति, ऐसे करता था घपला

मुंबई (20 अक्टूबर): डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने नकली नोट छापने का रैकेट चलाने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया है। कभी रेलवे स्टेशन पर रूमाल बेचने वाला यह नेता बच्चों के चूरन वालों नोटों की मदद से मालामाल हो गया।

डीआरआई ने उसके पास से 10 लाख मूल्य के नकली नोट और 32 लाख रुपये मूल्य के चूरन वाले नकली नोट जब्त किए। चूरन वाले इन नोटों पर चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया छपा हुआ था। लोखंडवाला में रहने वाले रेहान खान को कल्याण में उसके एक दोस्त के घर से गिरफ्तार किया गया। डीआरआई के अधिकारियों ने बताया, 'उसके पास से 10 लाख रुपये के नकली नोट और 6 लाख रुपये के बच्चों वाले नोट मिले हैं। इससे पहले उसके रिश्तेदारों के घर से 26 लाख रुपये मूल्य के बच्चों वाले नोट जब्त किए गए थे।' उसे अदालत के सामने पेश कर पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया है। पकड़े गए नकली नोटों में 500 और 2000 रुपये के नोट शामिल हैं।

इससे पहले 8 अक्टूबर को डीआरआई ने तीन लोगों, हाजी इमरान शेख, जाहिद शेख और महेश आलिमचंदानी को गिरफ्तार कर उनसे 9 हजार रुपये मूल्य के नकली नोट जब्त किए थे। अधिकारियों का कहना है कि नकली नोटों को आधी कीमत पर खरीदा गया था और बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत लाया गया था।

नोटबंदी के दौरान बंद किए गए नोटों को इन नकली नोटों से 75 प्रतिशत कमीशन पर पुराने नोटों को बदलने का काम भी किया गया था। रेहान जब नोट बदलकर देता तो गड्डियों के बीच में बच्चों के नकली नोट रख देता था, जिन पर भारतीय बच्चों का बैंक लिखा हुआ था। पुलिस उससे यह पूछताछ कर रही है कि वह पुराने नोटों को कहां भेज रहा था क्योंकि बैंक अब बंद हो चुके नोट नहीं ले रहे हैं। अधिकारियों का यह भी कहना है कि पुलिस से उसकी साठ-गांठ थी।