MBBS के दूसरे साल में 20 साल से अटका है 52 साल का छात्र

नई दिल्ली (24 फरवरी) :  औसतन एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर किसी छात्र को डॉक्टर बनने में छह साल लगते हैं। लेकिन एक शख्स 20 साल से ही एमबीबीएस के दूसरे साल में अटका हुआ है और अब उम्र के 52वें साल में पहुंच चुका है। तमाम कोशिशों के बावजूद दूसरे साल की परीक्षा पास नहीं हो सकती तो इस शख्स ने अपने प्रोफेसर पर अजीबोगरीब तरीकों से पास करने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। प्रोफेसर के परीक्षा में पास करने से इंकार करने पर इन जनाब ने मैसेज भेजकर आत्‍महत्‍या करने की धमकी भी दे डाली। आत्‍महत्‍या की धमकी से डरे हुए प्रोफेसर को पुलिस की मदद लेनी पड़ी।

क्या है रूल?

बता दें कि कॉलेज रूल्स के मुताबिक, जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट को दो साल फेल होने पर बाहर कर दिया जाता है लेकिन कुछ कोटे के स्टूडेंट के लिए ऐसी बाध्यता नहीं है। यही वजह है कि लगातार फेल होने के बावजूद कपिलदेव चौधरी नाम के ये छात्र कालेज में अब तक टिके हुए हैं।

कहां का है मामला?

कहानी बिहार के दरभंगा मेडिकल कॉलेज में पढने वाले कपिल देव की है। पिछले 20 सालों से कपिलदेव एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के ही छात्र हैं। उन्होने पहले तो कई बार कॉलेज के शिक्षकों को फोन से मैसेज भेज कर पास कराने का अनुरोध किया। जब किसी शिक्षक ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया तो पेपर में पास न करने पर आत्महत्या की धमकी दे डाली। 52 साल के कपिल ने मेडिसिन विभाग के डॉ बीके सिंह को मोबाइल फोन से कई बार मैसेज किया कि वो डॉक्टर बनकर देश सेवा करना चाहते हैं। इसलिए उन्हें पास करा दिया जाए। उन्होंने अपनी पासी जाति का हवाला देते हुए लिखा कि वो अपने जातिगत व्यवसाय ताड़ी बेचने में नहीं जाना चाहते। कपिल देव ने लिखा कि वो दलित जाति से हैं इसलिए उन्हें पास करा दिया जाए।

कब लिया था दाखिला

कपिलदेव चौधरी ने 1995 में एमबीबीएस के बैच में एडमीशन लिया था। कपिल ने प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने के बाद द्वितीय वर्ष में नामांकन लिया। कपिल द्वतीय वर्ष में क्लिनिकल के पेपर में फेल हो गया। उसके बाद कपिल कई वर्षो से लगातार परीक्षा दे रहा है पर हर बार उसे निराशा ही हाथ लगती है। प्रोफेसर ने बताया कि वह क्‍लीनिकल के पेपर में कुछ भी ठीक से नहीं लिख पाता है। इसलिए उसे फेल कर दिया जाता है। छात्र की आत्महत्या करने की धमकी से घबराए कॉलेज के प्रिंसिपल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।