सरकार की आलोचना करने वाले को सऊदी अरब में दो साल की कैद

नई दिल्ली (16 नवंबर): भारत में सरकार को जो चाहे सो बोला जा सकता है। लेकिन सऊदी अरब में ऐसा नहीं हैं। सऊदी अरब में एक मानवाधिकार कार्यकर्ता को ट्विटर पर देश में सत्ताधारी अल सऊद परिवार के खिलाफ बगावत को बढ़ावा देने और राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग करने के आरोप में दो साल की सजा सुनाई गयी है। ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार इस अज्ञात व्यक्ति को बुधवार  को रियाद की विशेष अपराध अदालत ने सजा सुनाई।

मानवाधिकार कार्यकर्ता पर ट्विटर पर सऊदी शासन के खिलाफ लोगों को लामबंद करने का आरोप है। उस पर बंदियों को रिहा करने के लिए दंगा भड़काने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। सऊदी अरब में इससे पहले भी सोशल मीडिया पर शासन की आलोचना के लिए कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेल की सजा दी जा चुकी है। सऊदी अरब मीडिया के अनुसार इस कार्यकर्ता का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और उसका ट्विटर अकाउंट बंद करवा दिया गया है। कार्यकर्ता पर जेल से रिहा होने के बाद दो साल तक विदेश जाने और सोशल मीडिया वेबसाइटों पर पोस्ट करने की पाबंदी होगी।