किसान आंदोलन: फायरिंग में 5 की मौत, सरकार ने दिए न्यायिक जांच के आदेश


नई दिल्ली ( 6 जून ): मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन ने आक्रामक रूप ले लिया है।किसानों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने हथियारों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। मंदसौर में किसानों पर फायरिंग हुई है, जिसमें 5 किसान की मौत और 3 किसान घायल हुए हैं। लेकिन शिवराज सरकार का कहना है कि पुलिस फायरिंग नहीं की है।

किसानों पर हुई फायरिंग को लेकर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री ने अपनी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा कोई फायरिंग नहीं हुई, फायरिंग की जांच के आदेश दिए गए है। सरकार द्वारा ना इंटरनेट बंद किया गया है और ना ही कर्फ्यू लगा है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की और घटना की न्यायिक जांच के आदेश दिए। घटना के बाद इलाके में धारा 144 लगा दी गई है।

सोमवार को आंदोलन कर रहे किसानों ने दलौदा में रेलवे फाटक तोड़ दिया था और पटरियां उखाड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान मंदसौर और चित्तौड़ के बीच रेत यातायात ठप हो गया। पुलिस को आशंका थी कि प्रदर्शन कर रहे लोग सोशल मीडिया के जरिए फैलाने की कोशिश कर रहे है। इसके बाद इलाके में मोबाइल पर इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद कर दी गई।