1993 मुंबई हमलों का गुनाहगार अबू सलेम पर फैसला आज


नई दिल्ली(16 जून):1993 के मुंबई बम धमाकों के मामले में टा़डा अदालत आज अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम समेत 7 लोगों पर फैसला सुनाने वाली है। बता दें कि 24 साल पहले 12 मार्च 1993 को मुंबई 12 सिलसिलेवार धमाकों से दहल उठी थी। इसमें 257 लोग मारे गए थे, जबकि 713 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।


- सीबीआई के मुताबिक, मुंबई धमाके 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद हुए दंगों का बदला लेने के लिए किए गए थे।


- सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया कि ये धमाके दुनिया का पहला ऐसा आतंकी हमला था, जहां दूसरे विश्वयुद्ध के बाद इतने बड़े पैमाने पर आरडीएक्स का इस्तेमाल किया गया।


- इस मामले में आरोपियों के दूसरे बैच को स्पेशल जज गोविंद ए सनप की अदालत आज फैसला सुनाएगी। 2011 में शुरू हुई सुनवाई इस साल मार्च में खत्म हुई थी।


- इससे पहले, धमाकों के केस में शुरुआती 123 आरोपियों का ट्रायल 2006 में खत्म हुआ था, जिसमें 100 को सजा सुनाई गई थी। आज अगर सात आरोपी दोषी साबित हुए तो उन्हें मौत की सजा भी हो सकती है। सलेम के अलावा अन्य जिन आरोपियों की सजा पर फैसला होना है, उनमें मुस्तफा दौसा, फिरोज खान, ताहिर मर्चेंट, रियाज सिद्दीकी, करीमुल्ला खान और कयूम शेख शामिल हैं। धमाकों के मामले में यह फैसला आखिरी होगा क्योंकि अब कोई भी आरोपी कस्टडी में नहीं है। 33 आरोपी फरार चल रहे हैं, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता दाऊद इब्राहिम, उसका भाई अनीस इब्राहिम, मुस्तफा दौसा का भाई मोहम्मद दौसा और टाइगर मेमन शामिल हैं। सलेम को नवंबर 2005 में पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पित किया गया था। उसके इकबालिया बयान के आधार पर ही सिद्दीकी और शेख की गिरफ्तारी हुई।