1984 कानपुर सिख विरोधी दंगों की होगी जांच, योगी सरकार ने बनाई SIT

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (6 फरवरी): पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या होने के बाद उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए 1984 सिख दंगों की अब जांच होगी। योगी सरकार ने 1984 कानपुर सिख दंगे की जांच कराने का फैसला किया है। योगी सरकार ने इसके लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। गौरतलब है कि साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एसआईटी जांच की मांग करने वाली एक याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया था। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार एसआईटी की अगुवाई पूर्व डीजी अतुल करेंगे। उनके अलावा इसमें रिटायर्ड जज सुभाषचंद्र अग्रवाल, रिटायर्ड एडिशनल डायेक्टर अभियोजन योगेश्वर कृष्ण श्रीवास्तव, एक एसएसपी और एसपी को भी शामिल किया गया है। एसआईटी से 6 महीने के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा गया है।

आपको बता दें कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या किए जाने पर दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में हिंसा भड़क गई और सिखों को निशाना बनाया गया।इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देशभर में हिंसा की स्थिति हो गई थी, इस दौरान कानपुर, दिल्ली समेत देश के बड़े शहरों में सिख विरोधी दंगे हुए थे. दिल्ली के बाद सबसे भीषण दंगा कानपुर में ही हुआ था, यहां हुई हिंसा में 127 सिख मारे गए थे।

गौरतलब है कि दिल्ली सिख दंगों को लेकर बीते साल दिसंबर में दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आया था। जिसमें तत्कालीन कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। सज्जन कुमार पर हिंसा कराने और दंगा भड़काने का आरोप लगा था। फिलहाल सज्जन कुमार जेल में बंद हैं।