पाकिस्तान में आतंक फैलाने वाले 184 मदरसे और मस्जिद सील

ऩई दिल्ली (2 फरवरी): दिसम्बर 2014 में पेशावर के एक सैनिक स्कूल पर हमले के बाद से अब तक पाकिस्तान में 184 मदरसों और मस्जिदों को बंद कर दिया है। बंद किये गये मदरसों पर आतंकवादियों को प्रश्रय देने और आतंक फैलाने का आरोप है। एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पंजाब, सिंध और खैबर पख्तूनख्वा के मदरसों को बंद किया गया है, क्योंकि चरमपंथ को बढ़ावा देने में उनकी कथित संलिप्तता थी। 20 जनवरी को खैबर-पख्तूनखवा प्रांत में पेशावर के पास बाचा खान यूनिवर्सिटी पर एक जघन्य हमले में 20 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर छात्र थे।

इससे पहले दिसंबर, 2014 में पेशावर के सैनिक स्कूल पर भी आंतकी हमला किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय कार्रवाई योजना (एनएपी) के तहत की गई है। 2014 के दिसंबर में सेना के स्कूल पर आतंकवादी हमले के बाद एनएपी बनाई गई थी। इस बीच, आतंकवादी गतिविधियों के लिए वित्तपोषण पर अंकुश लगाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने अभी तक 126 बैंक खातों में तकरीबन एक अरब रुपये के लेने-देन पर रोक लगा दी है। इन खातों का संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी समूहों के साथ था। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भी 25 करोड 10 लाख रुपये नकद बरामद किये हैं। पाकिस्तान सरकार ने आठ हजारसे ज्यादा लोगों का नाम संदिग्धों की सूची में डाल दिया है, जबकि 188 लोगों का खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है।