पाकिस्तान के 1810 लोग बने हिंदुस्तानी

नई दिल्ली (3 अगस्त) :  बीते साढ़े 5 साल में पाकिस्तान के 1810 अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता दी गई। इनमें अधिकतर सिंधी हिंदू हैं। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आज बताया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उनकी दायर अर्जी पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के 29 जुलाई को भेजे जवाब में यह खुलासा हुआ है।

गृह मंत्रालय के एक उप सचिव ने आरटीआई आवेदन के उत्तर में बताया कि सरकार ने वर्ष 2011 में 301, वर्ष 2012 में 356, वर्ष 2013 में 301, वर्ष 2014 में 266 और वर्ष 2015 में 263 पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता के प्रमाणपत्र जारी किये हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा कैलेंडर वर्ष में 15 जून तक 323 पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों के आवेदन स्वीकृत कर उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की गयी है। अधिकारी ने यह भी बताया कि फिलहाल सरकार 2,062 पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों की भारतीय नागरिकता की अर्जी पर विचार कर रही है।

पाकिस्तान छोड़कर भारत आने वाले सिंधी हिंदुओं की मदद के लिये गठित संस्था ‘हिंदू सिंधी विस्थापित सहायता केंद्र’ के राष्ट्रीय संयोजक शंकर लालवानी ने कहा, ‘पाकिस्तान से विस्थापित होकर जो अल्पसंख्यक भारत की शरण लेते हैं, उनमें ज्यादातर सिंधी हिंदू हैं। इन अल्पसंख्यकों को पाकिस्तान में धार्मिक भेदभाव के कारण हिंसक वारदातों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे वहां इस समुदाय में असुरक्षा का भाव दिनों-दिन बढ़ रहा है। पाकिस्तान से विस्थापित सिंधी हिंदू भारत में खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं।’ लालवानी ने कहा, ‘जब-जब पाकिस्तान में धार्मिक कट्टरपंथ के कारण सियासी अस्थिरता का माहौल बनता है, तब-तब वहां से सिंधी हिंदुओं के पलायन कर भारत में शरण लेने का सिलसिला तेज होता है।’