जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम परिसर में एथलीट पालिंदर चौधरी ने किया सुसाइड

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (14 नवंबर): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 18 साल के एथलीट पालिंदर चौधरी ने राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कथित तौर पर पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। जिसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार शाम जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम की एथलेटिक्स एकैडमी के छात्रावास के कमरे में चौधरी अपने पंखे से लटकते मिले।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साइ की महानिदेशक नीलम कपूर ने कहा, 'घटना हमारे परिसर में हुई है इसलिए हमने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। साइ सचिव स्वर्ण सिंह छाबड़ा जांच समिति की अगुआई करेंगे और जांच पूरी करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है।' उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले चौधरी को जब तक सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया गया तब तक वह 'ब्रेन डेड' हो चुके थे और उन्हें बचाया नहीं जा सका। साइ के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि शायद वित्तीय मुद्दे पर अपने पिता से बहस के बाद खिलाड़ी ने यह कदम उठाया।

खबरों के मुताबिक स्टेडियम में चौधरी के साथी ट्रेनी और कर्मचारी इस घटना की वजह से सकते हैं। दरअसल, उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि चौधरी इस तरीके का कदम उठा सकते हैं। क्योंकि पूरे दिन ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ी ने अवसाद में होने का कोई संकेत नहीं दिया था। नीलम ने कहा, 'शुरुआत में ऐसा लगता है कि वित्तीय मुद्दे से जुड़ा कोई पारिवारिक मामला था। हमें पता चला है कि लड़के की अपने पिता से सुबह फोन पर बहस हुई थी जिसके बाद शाम को उसकी बहन उससे मिलने आई थी। उसने अपनी बहन को धमकी देने के बाद उसके सामने ही ये कदम उठाया। वो चिल्लाती हुई बाहर आई और हमारे कर्मचारी तुरंत वहां गए और उसे नीचे उतारा।'

जिसके बाद इस पूरी घटना को लेकर खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ राजस्थान में हैं और उन्हें इस घटना की जानकारी दे दी गई है। खेल मंत्री ने घटना पर दुख जताया है। चौधरी को 2017 में बैंकॉक में एशियाई युवा चैंपियनशिप के लिए चुना गया था और उन्होंने रिले में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने पिछले साल जुलाई में विश्व युवा चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। साइ के एक अन्य अधिकारी ने कहा, 'जब उसे सफदरजंग ले जाया गया तो वो जीवित था लेकिन ब्रेन डेड हो गया था और चिकित्सक उसे बचा नहीं पाए। शुरुआती उपचार के आधा घंटा बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। उसे इमरजेंसी में रखा गया था।