1527 नक्सलियों को मारने में 1782 जवान हो गए शहीद

नई दिल्ली(1 अगस्त): देश के डेढ़ दर्जन प्रदेश नक्सलवाद से प्रभावित हैं। इन प्रदेशों में पिछले 11 सालों में 16 हजार 231 नक्सली वारदातें हो चुकी हैं। एक वेबसाइट के मुताबिक 2006 से 2016 (30 जून) तक नक्सल प्रभावित प्रदेशों में 1782 जवान शहीद हुए और 1527 नक्सली मारे गए।

आंकड़ों से साफ जाहिर है कि एक नक्सली को मारने में एक से ज्यादा जवान को अपनी जान गवांनी पड़ी। गृह मंत्रालय में 4 जून 2016 को लगाई गई आरटीआई के एक भाग का जवाब वामपंथी उग्रवाद प्रभाग (लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिस्ट) ने 20 जुलाई को दिया। 2011 से 2016 तक 7095 नक्सली घटनाएं हुईं। 2009 में सबसे ज्यादा 2258 और वर्ष 2010 में 2213 नक्सली वारदातें हुईं।

हालांकि, इसके ठीक बाद के छह सालों में नक्सली वारदातों में लगातार कमी आई। वर्ष 2011 में 1760, वर्ष 2012 में 1415, वर्ष 2013 में 1136, वर्ष 2014 में 1091, वर्ष 2015 में 1088 और वर्ष 2016 (30 जून तक) में 605 नक्सली घटनाएं हुईं।

गृह मंत्रालय के मुताबिक 2011 से 2016 तक  2124 लोग मारे गए। इनमें सुरक्षा बलों समेत आम नागरिक भी शामिल हैं। इन छह सालों में सबसे ज्यादा झारखंड में 2272, छत्तीसगढ़ में 2194, बिहार में 1006, उड़ीसा में 710, महाराष्ट्र में 485 और आंध्र प्रदेश में 213 नक्सली वारदातें हुईं।

इन वारदातों में 751 बार नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर हमले किए। जबकि 9698 नक्सलियों को गिरफ्तार करने में सुरक्षा बल कामयाब हुए। वहीं 3171 नक्सलियों ने सरकार के सामने आत्मसमर्पण किया। 2016 में सबसे ज्यादा 804 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।