मन की बात में बोले PM मोदी- कल मेरा भी एग्जाम है लेकिन मैं घबरा नहीं रहा हूं

नई दिल्ली (28 फरवरी): मन की बात की शुरुआत पीएम मोदी ने बच्चों के आने वाले परीक्षा की बात से की। उन्होंने कहा कि मुझे देश के सभी बच्चों की चिंता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने मन को शांत रखना चाहिए। इसके लिए बच्चें एक-दूसरे को चुटकुले सुनाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि कल मेरा भी एग्जाम है, अरे भाई कल देश का बजट है। पर मैं घबरा नहीं रहा हूं। उनके इस कार्यक्रम में सचिन तेंदुलकर ने भी मन की बात की। तेंदुलकर ने कहा कि सभी बच्चों को जीवन में एक टारगेट बनाकर चलना चाहिए।

क्या बोले पीएम मोदी

> मुझे बच्चों के परीक्षा की चिंता है। > परीक्षा को अंकों का खेल मत बनाएं। जीवन को महाल उद्देश्य से जोड़ना चाहिए। > प्रतिस्पर्धा की जगह अनुस्पर्धा करें। > जीवन को किसी महान उद्देश्य के साथ जोड़े। > मुझे एप पर हजारों सुझाव आए। > खुद के ही रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश करें। > गहरी नींद दूसरे कामों की तरह ही जरूरी है। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन रहता है। > मैं सोने के समय के प्रति थोड़ा उदासीन। मेरे दोस्त कहते हैं कि आप कम सोते हैं। लेकिन एग्जाम के समय पूरी नींद लेना चाहिए।

मन की बात में क्या बोले सचिन > मैं आपको अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं देता हूं। > सचिन तेंदुलकर ने कहा अपना एक टारगेट सेट करें। > पॉजिटिव सोंच रखें ऊपर वाला आपको अच्छा रिजल्ट देगा। > परीक्षा में अच्छी सोंच के साथ तैयारी करें। > क्षमताओं के अनुकुल अपना लक्ष्य तय करें। > दूसरों की उम्मीद के हिसाब से नहीं चलना चाहिए।

क्या बोले शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद बच्चों की परिक्षाएं शुरू हो रही हैं। परीक्षा के समय तनावमुक्त रहना चाहिए। खुद पर उम्मीदों का बोझ कम करें। परीक्षा से पहले शांत रहें। परीक्षा से पहले पूरी नींद बेहद जरूरी है।

मुरारी बापू ने कहा कि विद्यार्थी परीक्षा के समय मन पर कोई भी बोझ न रखें। चित को एकाग्र करके परीक्षा में बैठिए।

बता दें कि पीएम मोदी द्वारा की जाने वाली 'मन की बात' कार्यक्रम की यह 17वीं कड़ी है। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने मन की बात में किसानों के मुद्दे, भ्रष्टाचार, लिंग अनुपात और खादी को लेकर बात की थी।