जमशेदपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में 164 बच्चों की मौत से हड़कंप

रांची(30 अगस्त): जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में कुपोषण से 164 बच्चों की मौत हो गयी। ये मौतें 4 महीने में हुई हैं। इनमें से 60 बच्चों की मौत 30 दिन में ही हुई है। 

- बताया जाता है कि सभी बच्चे कुपोषित थे। इन्हें गंभीर गंभीर स्थिति में अस्पताल के सीसीयू में भर्ती कराया गया था। बच्चों की मौत को विभाग ने गंभीरता से लिया है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है।

- अस्पताल में मई से अगस्त के बीच एनआइसीयू, पीआइसीयू व वार्ड में विभिन्न रोगों से ग्रस्त 1,867 बच्चों को भर्ती किया गया था। इनमें 164 बच्चे की मौत हो गयी।      - एनआइसीयू में सबसे अधिक 112 बच्चों की मौत (कुल 343 बच्चे भर्ती थे) हुई। अगस्त में इन तीनों जगहों पर कुल 470 बच्चों को भर्ती कराया गया था, जिनमें 41 बच्चों की मौत हो चुकी है। पीआइसीयू में 110 बच्चों में 31 और वार्ड में 1410 में 21 बच्चों की मौत हो गयी।

- टीम ने जांच में पाया कि अस्पताल में हर माह भर्ती होनेवाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। उसी अनुपात में मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। एनआइसीयू में शून्य से 28 दिन तक के बच्चों को रखा जाता है। सबसे अधिक मौत एनआइसीयू में ही हुई है। इस अस्पताल में बंगाल, ओड़िशा सहित पूरे कोल्हान के लोग अपने बीमार बच्चे का इलाज कराने आते हैं। 

- टीम ने पाया कि पहले यहां पीआइसीयू व एनआइसीयू नहीं रहने के कारण गंभीर बच्चों को दूसरे अस्पतालों में भेज दिया जाता था। अब वैसे बच्चों का भी यहां इलाज किया जाता है। इससे भी बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़ा है।