दिल्ली मैट्रो सिक्योरिटी में 160 कमजोर बिंदु: CISF

नई दिल्ली (8 मार्च): दिल्ली मैट्रो में सुरक्षा के नजरिए से 160 कमजोर बिंदुओं की पहचान की गई है। जिन्हें दूर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। सेंट्रल इंडस्ट्रीयल सिक्योरिटी फोर्स ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

'बिजनेस स्टैंडर्ड' की रिपोर्ट के मुताबिक, फोर्स चीफ सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सीआईएसएफ और दिल्ली मैट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने मैट्रो के कमजोर इलाकों की पहचान करने के लिए 'क्यू मैनेजर्स' को तैनात किया। जहां हर दिन 26 लाख से भी ज्यादा लोग आते हैं।

इस चैकिंग में पहचान की गई कि मेट्रो सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रचर में कई कमजोर कड़ियां हैं। जैसे पेड और अन-पेड एरिया में बंटबारा कई स्टेशनों पर काफी कम है। सीआईएसएफ चीफ ने बताया कि फोर्स और इंटैलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने इस मुद्दे को डीएमआरसी से साझा किया है।

सुरेंद्र सिंह राजधानी दिल्ली क्षेत्र (एनसीआर) रैपिड रेल नेटवर्क में सिक्योरिटी अपग्रेडेशन के बारे में जानकारी दे रहे थे। जिसके अंतर्गत 150 स्टेशन्स आते हैं। जो दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुड़गांव के बीच में दौड़ती हैं। यह कदम पिछले साल हुई एक खतरनाक घटना के बाद उठाया गया, जिसमें एक बंदूकधारी शख्स स्टेशन में घुस आया और खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली।

उन्होंने बताया, "तभी से हमने 160 कमजोर बिंदुओं की पहचान की है। अब हमने क्यू मैनेजर्स को इन स्थानों पर लगाया है।" ये मैनेजर्स डीएमआरसी की तरफ से हायर किए गए प्राइवेट सिक्योरिटी पर्सनल हैं। जो यात्रियों के ट्रैफिक को नियंत्रित करते हैं। साथ ही जरूरतमंदों की मदद भी करते हैं।