रेडियो एक्टिव मैटीरियल की सौदेबाजी में 16 लोग धरे गए, 100 करोड़ में बेचने की थी योजना

महेंद्र कुमार मीना, केजे श्रीवत्सन, जयपुर (29 जुलाई): राजस्थान के दौसा में कथित तौर पर रेडियो एक्टिव पदार्थ की सौदेबाजी करते 16 लोग पकड़े गए हैं। 1 करोड़ में खरीदने और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 100 करोड़ में बेचने की योजना थी।

- जालसाजी के लिए बाकायदा एक जालसाज वैज्ञानिक बना तो दूसरा डॉक्टर। - अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में 100 करोड़ रूपये तक में बेचने की योजना बनाई जा रही थी। - राजस्थान ATS और दौसा पुलिस के हत्थे जब ये आरोपी लगे तो इनकी कहानी सुनकर पुलिस भी सकते में आ गई। - ऐसा इसलिए था क्योंकि जालसाजी के कई मामले पुलिस ने सुलझाए थे, लेकिन यह पहला मौका था जब रेडियो एक्टिव पदार्थ के नाम पर जालसाजी के आरोप में इतने लोग पकडे गए। - मामले की संवेंदंशीलता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है की एटीएस को इस सौदेबाजी की करीब दो माह पहले सूचना मिली थी।  - इसके बाद खरीददार व बेचने वालों पर निगरानी रखी जा रही थी।  - खरीदार डील के लिए एक-दो बार फ्लाइट से जयपुर आए और बेचने वाले भी कई बार मुंबई व सूरत गए।  - गुरुवार को लवाण में सौदा होने की पुख्ता जानकारी के बाद एटीएस और पुलिस ने दौसा के लवाण गांव में छापा मारा और इन्हें गिरफ्तार किया। - पुलिस की माने तो इन आरोपियों ने आरोपियों ने सुराहीनुमा बर्तन में कथित रेडियो एक्टिव पदार्थ भर रखा था और उसे कांच के बॉक्स में पैक किया हुआ था।

- इस पर्दार्थ को ये लोग इरिडियम बता रहे थे और इंटरनेट के जरिये अपने ग्राहकों को इन्होने तलाशा था। - अब तक की जाँच में यह बात भी सामने आई है की ये लोग सूरत, पुणे, मुंबई के हैं।  - सूत्रों की माने तो पुलिस को मौके से एक साइंटिस्ट के यूएस न्यूक्लियर रेगुलटरी कमीशन के दस्तावेज मिले हैं, इनकी जांच की जा रही है।  - आरोपी इन दस्तावेजों के आधार पर ये आरोपी  बैंगलुरू के सुनील नाम के युवक को साइंटिस्ट बताते थे। 

*सांकेतिक तस्वीर