इन 13 हजार खातों में कालेधन को किया गया सफेद, कहीं आपका भी तो नहीं



नई दिल्ली (6 अक्टूबर): नोटबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर कालेधन को सफेद करने का धंधा किया गया। हालांकि इसमें सबसे बड़ी भूमिका शैल कंपनियों ने निभाई। केंद्र सरकार की रडार पर ऐसी 2 लाख कंपनियां है, जिन्होंने ब्लैक मनी को व्हाइट करने का काम किया। ऐसी ही 5,800 कंपनियों ट्रांजैक्शन की जानकारी जांच एजेंसियों को मिल गई है।

केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 बैंकों ने नोटबंदी के दौरान 2,09,032 संदिग्ध कंपनियों में से 5,800 कंपनियों के बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी दी है। हालांकि इन कंपनियों का रजिस्ट्रेशन कैंसल कर दिया गया है, लेकिन बैंकों ने सरकार को इन कंपनियों के 13,140 अकाउंट्स की जानकारी मुहैया कराई है जिनके करीब 4600 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया है।

मंत्रालय ने कहा, 'कुछ कंपनियों के नाम पर नाम पर 100 से भी अधिक बैंक अकाउंट्स खुलवा रखे थे। इनमें एक कंपनी के नाम पर तो 2,134 अकाउंट्स पकड़े गए। वहीं, एक अन्य कंपनी के नाम पर 900 जबकि एक और कंपनी के नाम पर 300 अकाउंट्स मिले।'

सरकार ने बताया कि लोन अकाउंट्स को अलग करने के बाद नोटबंदी के दिन यानी 8 नवंबर 2016 तक इन कंपनियों के खातों में महज 22.05 करोड़ रुपये थे जो उस वक्त जमा किए गए थे। बाद में कुछ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। सरकार ने कहा कि कंपनियों के नाम पर कई खाते पकड़े गए, जिनमें 8 नवंबर 2016 को या तो बेहद कम रकम थे या खाते माइनस में चले गए थे।