कर्नाटक में पारदर्शी चुनाव प्राथमिकता, अब तक 128 करोड़ का सामान जब्त: मुख्य चुनाव आयुक्त

नई दिल्ली  ( 2 मई ): चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वोटों की खरीद फरोख्त को रोकने के लिए कमर कस ली है। कर्नाटक में 12 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं। मतदान से पहले राज्य में धनबल का प्रयोग रोकने के लिए चुनाव आयोग ने तमाम इलाकों में वोटों की खरीद के लिए जमा की गई नकदी और सोने को जब्त किया है।भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने अब तक राज्य में करीब 128 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, सोना, शराब और अन्य सामान जब्त किया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी दी।मुख्य चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत ने कहा कि 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी कर्नाटक में भारी मात्रा में नकदी, सोना और शराब को जब्त किया गया था। 2013 में इनका कुल मूल्य 14 करोड़ के आसपास आंका गया था। उन्होंने कहा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में अब तक कुल 128 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, सोने की वस्तुएं और अन्य सामान जब्त किए गए हैं।निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि कर्नाटक में में चुनाव आयोग के सामने दो महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। पहली चुनौती मतदान में धनबल का प्रयोग होने से रोकना है वहीं दूसरी चुनौती फेक न्यूज समेत कम्यूनिकेशन के उन गलत तरीकों को रोकने की भी है जिनसे प्रत्याशी मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं।चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग लगातार ही राज्य में पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में जुटा हुआ है। बता दें कि 224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा के चुनाव के लिए आगामी 12 मई को मतदान है। वहीं वोटों की गिनती 15 मई को होगी।