इस ग्रह पर जीवन की बड़ी संभावना, पृथ्वी से 1200 प्रकाश वर्ष दूर

नई दिल्ली (28 मई): दुनिया भर के वैज्ञानिक जहां दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश में जुटे हैं। इसी सिलसिले में उन्हें एक सफलता हासिल हुई है। पृथ्वी से 1200 प्रकाश वर्ष दूर एक ग्रह पर सतही जल की मौजूदगी पाई गई है। जिससे वहां जीवन और आवासीय दुनिया के होने की प्रबल संभावनाएं जाहिर की गई हैं। 

रिपोर्ट के मुताबिक, लॉस एंजिल्स की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की रिसर्च रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी गई है। इस ग्रह का नाम है- 'केपलर-62 एफ'। जो पृथ्वी से करीब 40 फीसदी बड़ा है। रिपोर्ट के प्रमुख लेखक और एस्ट्रोफिजिक्स के पोस्ट डॉक्टरल फेलो औमावा शील्डस का कहना है कि केपलर-62 एफ का आकार को देखते हुए ऐसा लगता है कि यह पथरीले किस्म का है। शायद इस ग्रह पर समुद्र भी है।   

नासा के केपलर मिशन के तहत 2013 में केपलर-62 एफ की खोज की गई। यह उन ग्रहों में से एक है जो एक तारे के आर्बिट में मौजूद हैं। यह तारा सूर्य के मुकाबले ठंडा और आकार में छोटा है। हालांकि मिशन यह पता लगाने में कामयाब नहीं हुआ कि परिक्रमा मार्ग का आकार कैसा है, गृह का वातावरण व उसका कम्पोजीशन कैसा है। हालांकि टीम ने प्लानेट पर जीवन होने की संभावना जताई है।

ये हैं केपलर-62 एफ की खासियत

शील्डस के मुताबिक, इस ग्रह पर बहुस्तरीय वातावरण है। यह धरातलीय जल की मौजूदगी दर्शाता है। यह प्रबल कारण है जो कि इस ग्रह के आवासीय गृह होने की संभावना पुख्ता करता है।     

पृथ्वी के वातावरण में 0.04 प्रतिशत कार्बन डाईआक्साइड है। केपलर-62 एफ अपने तारे से पृथ्वी से सूर्य की दूरी के मुकाबले ज्यादा दूर है। इसका मतलब है कि धरातलीय तरल जल के लिए उसे कार्बन डाईआक्साइड की अधिक मात्रा की जरूरत होगी।

रीसर्च टीम ने कम्प्यूटर से की गई गणनाओं से आवासीय स्थितियों के लिए विभिन्न संभावनाओं का अनुमान लगाया है। इसमें वातावरण में कार्बन डाईआक्साइड की विभिन्न मात्राओं को लेकर अनुमान लगाए गए हैं। यह रिसर्च जर्नल एस्ट्रोबायोलॉजी में ऑनलाइन प्रकाशित किया गया है।