120 साल के काशी के साधू ने बताए जिंदगी के राज, सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान

नई दिल्ली ( 10 दिसंबर ): वाराणसी में रहने वाले साधू बाबा ने दुनिया के सबसे वृद्ध व्यक्ति होने का दावा किया है। इनका नाम शिवानंद है। उनके पासपोर्ट के मुताबिक बाबा का जन्म 8 अगस्तत 1986 में हुआ था। स्वामी शिवानंद दुनिया में सबसे ज्यादा जीने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड अपने नाम करना चाहते हैं। अपने दावे को सत्यापित करने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के पास आवेदन करने जा रहे हैं।

उनका मानना है कि वह जापान के जिरोईमोन किमुरा के बाद सबसे ज्यादा जीने वाले व्यक्ति हैं, जिनकी जून 2013 में 116 साल 54 दिनों के बाद निधन हो गया था। स्वामी शिवानंद जिस साल पैदा हुए थे, उसी साल महारानी विक्टोरिया का भी जन्म हुआ था, जो ब्रिटिश इतिहास में सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली रही हैं। इस मामले में उन्होंने अपने दादा दादा किंग जॉर्ज III को पीछे छोड़ दिया था।

कोलकाता शहर में शिवानंद बहुत गरीब परिवार में पैदा हुए थे, लेकिन अब वे वाराणसी में रहते हैं। अपनी उम्र से कम दिखने वाले शिवानंद के ज्यादा जीने का राज ब्रहाचर्य, बिना मसाले वाला खाना और प्रति दिन योग है। कोलकाता में 2 घंटे के योग सेशन के बाद शिवानंद ने बताया कि वह बिना तेल और मसाले के उबाला हुआ खाना खाते हैं। वह मैट बिछाकर पर जमीन पर सोते हैं और तकिये के रूप में लकड़ी का स्लैब यूज करते हैं। साधु शिवानंद बताते हैं कि वह दूध और फल खाने से परहेज करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सिर्फ फैंसी फूड (दिखावटी) है। बचपन में वह कई दिनों तक भूखे पेट ही सोते थे।

6 साल ही उम्र में शिवानंद के माता-पिता उन्हें छोड़कर चले गए और उनके रिश्तेदारों ने उन्हें आध्यात्मिक गुरुओं के हवाले कर दिया। वाराणसी में बसने से पहले वह पूरे भारत का भ्रमण कर चुके हैं। वह आज भी अकेले सफर कर सकते हैं और एकदम स्वस्थ हैं। शिवानंद किसी दवा या चिकित्सा की मदद नहीं ले रहे हैं। वह हर दिन एक घंटे योग करते हैं।