यूपी: पंचायतों में करोड़ों की बंदरबांट!

नई दिल्ली (16 अक्टूबर):  उत्तर प्रदेश के पंचायती राज विभाग में 107 करोड़ रुपये का घोटाला प्रकाश में आया है। जांच के बाद इस मामले में प्रदेश की योगी सरकार ने विभाग के दो अपर निदेशकों समेत 12 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यही नहीं अब इस पूरे घोटले में विजिलेंस जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। सरकार का दावा है की घोटालेबाजों से आवंटित राशि की वसूली भी की जाएगी। 

दरअसल प्रदेश के पंचायती मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने जानकारी दी कि परफॉर्मेंस ग्रांट बेहतर काम करने, ऑडिट करवाने और आय बढ़ने वाली ग्राम पंचायतों को दी जाती है। पंचायतों के चयन के लिए एक कमेटी बनाई गयी थी इसमें अनियमितताओं की शिकायत मिलने मौजूदा निदेशक पंचायती राज विजय किरण आनंद को जांच सौंपी गयी थी। जांच में इस बात का खुलासा हुआ की षड्यंत्र और मिलीभगत करके बड़ी संख्या में अपात्र पंचायतों को सरकारी धन आवंटित हुआ है. 

परफॉर्मेंस ग्रांट देने के लिए ग्राम पंचायतों के चयन के लिए भारत सरकार और राज्य वित्त आयोग ने कुछ मानक तय किये थे। साल 2016-17 में 14वें वित्त आयोग ने परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए को 699.75 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। उसमें उन ग्राम पंचायतों का चयन होना था जिन्होंने अपनी आय में वृद्धि की हो और 2013-14 और 2014-15 का ऑडिट पूरा करवा लिया हो। इसके लिए बनाई गई कमिटी में शामिल आरोपित अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर बिना ऑडिट के ही अयोग्य ग्राम पंचायतों को पैसा बांट दिया। जांच में ऐसी 1123 ग्राम पंचायतें सामने आई हैं।