पिता को नौकरी दिलाने के लिए मासूम ने पीएम मोदी को लिखा 25वां पत्र

आनंद तिवारी, कानपुर (25 जून): फरियाद लगाने वालों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा मदद करते हैं। एक बार फिर एक फरियादी ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है। इस बार एक मासूम ने पीएम मोदी से कोई आर्थिक मदद नहीं मांगी है, बल्कि उसने पीएम मोदी को पत्र लिखकर अपने पिता को नौकरी दिलाने की गुहार लगाई है। साथ ही उसने मांग न पूरी होने पर इच्छा मृत्यु की भी मांग की है, लेकिन इसके बावजूद मासूम को प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। जिसकी वजह से अब वह मायूस हो चुका है।


उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा जी संबोधित करते हुए पत्र लिखा है। उसने पत्र में लिखा है कि बाबा जी ये मेरी पच्चीसवीं चिट्ठी है। बाबा जी मेरी दादी मां कहती हैं कि सच्चे मन और ईमानदारी के साथ अगर कोई अपनी बात कहता है तो उसकी मदद सभी लोग करते हैं। इसलिए बाबा जी मैं अपने पापा की दिक्कतों को लेकर आपसे मिलने का समय मांग रहा हूं, लेकिन आप मेरी क्यों नहीं सुन रहें हैं।


कानपुर के यशोदा नगर के रहने वाले 11वर्षीय सार्थक ने पीएम मोदी को यह पत्र लिखा है। सार्थक ने अपने पापा की नौकरी छूट जाने की वजह से हो रही परेशानियों को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा है। लगातार चौबीस पत्र लिखे जाने के बाद भी कोई जवाब न आने से मायूस सार्थक ने अपना कदम पीछे नहीं खींचा, बल्कि उसने एक बार फिर पीएम मोदी को पत्र लिखा है।

नौकरी जाने के बाद पत्नी और बच्चों के साथ घुट घुट कर जीवन बीता रहे सार्थक के पिता सत्य विजय त्रिपाठी को जब अपने बेटे इस साहसी कदम की जानकारी मिली तो उनके आखों से खुशी के आंसू झलक आए। जिसके बाद उन्होंने अपनी पीड़ा बताई।


 उन्होंने कहा कि वह पिछले 14 सालों से कानपुर स्टॉक एक्सचेंज में नौकरी कर रहे थे, लेकिन छटनी की वजह से उन्हें बिना कारण बताए नौकरी से निकाल दिया गया। नौकरी छूटने के बाद से वह अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

सार्थक को आशा है कि उसके पत्र का इस बार प्रधानमंत्री की तरफ से जवाब जरूर आएगा।