महात्मा गांधी की बरसी पर विशेष: दुनिया की 11 सबसे बड़ी ऐतिहासिक राजनैतिक हत्याएं

नई दिल्ली (30 जनवरी): भारत की आज़ादी के लिए संघर्ष करने वाले अहिंसावादी महात्मा गांधी ने कई आंदोलन चलाए। 30 जनवरी 1948 को उनकी नई दिल्ली स्थित बिड़ला हाउस में नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह अपने समय की सबसे ज्यादा विवादित राजनैतिक हत्या रही है। महात्मा गांधी की बरसी पर हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही कुछ राजनैतिक हत्याओं के बारे में जिन्होंने पूरी दुनिया को अपने समय में हिलाकर रख दिया।

अब्राहम लिंकन

अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन की 14 अप्रैल 1865 को वाशिंगटन डीसी के फोर्ड थिएटर पर हत्या कर दी गई थी। 54 वर्षीय लिंकन की हत्या को कन्फेड्रेट कॉज़ को फिर से शुरू करने के लिए किए गया षडयंत्र कहा गया।

फ्रैंज़ फर्डिनैंड एन आर्कड्यूक

ऑस्ट्रो-हंगैरियन साम्राज्य में 19 वर्षीय सरबियाई गैवरिलो प्रिंसिप के हाथों चली एक गोली से पहले कभी भी इतना ज्यादा उत्पात नहीं हुआ था। 28 जून 1914 को प्रिंसिप ने आर्कड्यूक की हत्या कर दी। जिसके एक महीने के बाद ऑस्ट्रिया-हंगरी ने सरबिया के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया। इसके बाद पूरा विश्व ही जल्दी ही युद्धग्रस्त हो गया।

ज़ार निकोलस द्वितीय

रूस के अंतिम राजा ज़ार निकोलस द्वितीय की गोली और चाकू मारकर एक सैनिक ने 17 जुलाई, 1918 को हत्या कर दी थी। 

बेनिटो मुसोलिनी

ब्लैकस्मिथ के पुत्र बेनिटो मुसोलिनी ने एक पत्रकार के तौर पर अपनी शुरुआत की थी। वह 1904 में इटली के एक समाजवादी प्रेस के लिए काम करता था। 1919 में फासीवादी पार्टी की स्थापना के बाद अपनी सेना तैयार करने की और 1922 में रोम पर चढ़ाई कर दी। जल्दी ही मुसोलिनी प्रशासन तानाशाही में बदल गया। 1925 में उसने यह पदवी खुद ही औपचारिक तौर पर स्वीकार कर ली। प्रथम विश्व युद्ध के बाद 28 अप्रैल 1945 को मुसोलिनी को पकड़कर हत्या कर दी गई। जो इतिहास में एक अहम घटना मानी जाती है।

लियाकत अली खान 

पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने 1923 में राजनीति की शुरुआत की। जल्दी ही वह मोहम्मद अली जिन्ना के करीबी सहयोगी बन गए। 1947 में आज़ादी मिलने पर जिन्ना पाकिस्तान के गवर्नर जनरल बन गए और लियाकत प्रधानमंत्री। 1951 में ही रावलपिंडी में उनकी हत्या कर दी गई। ऐसा कहा गया कि यह हत्या एक विद्रोही की तरफ से की गई जो लियाकत के भारत के साथ युद्ध करने के खिलाफ जाने को लेकर आंदोलित था।

शेख मुजीबुर्रहमान

बांग्लादेश के संस्थापक कहे जाने वाले शेख मुजीबुर्रहमान देश के पहले और चौथे राष्ट्रपति बने। इसके अलावा वह दूसरे प्रधानमंत्री भी रहे। उन्होंने 11 अप्रैल 1971 से 15 अगस्त 1975 में अपनी हत्या होने तक इन भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दी। देश के पहले प्रधानमंत्री तजुद्दीन अहमद थे जिनकी भी हत्या कर दी गई थी। मुजीबुर्रहमान की हत्या को योजनाबद्ध तरीके से जूनियर आर्मी ऑफिसर्स ने अंजाम दिया था। उनकी हत्या के दो सालों तक देश उबर नहीं पाया। 

फैज़ल बिन अब्दुल अजीज अल सऊद

1964-75 तक सऊदी अरब के राजा रहे फैज़ल बिन अब्दुलअजीज अल सऊद की भतीजे फैज़ल बिन मुसाइद ने हत्या कर दी थी। इस हत्या के कारण अभी तक नहीं पता लग सके हैं। किंग फैज़ल काफी लोकप्रिय और सुधारवादी शासक के तौर पर जाने जाते हैं। इनके शासन के बाद देश के वित्तीय हालत में सुधार हुआ।

लॉर्ड माउंटबेटन

लॉर्ड माउंटबेटन की हत्या एक आयरलैंड रिपब्लिकन आर्मी ने 27 अगस्त, 1979 को हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या काउंटी स्लिगो में लीज़र बोट में बम प्लांट कर हत्या कर दी गई थी।

इंदिरा गांधी

इंदिरा गांधी 1966-77 के बीच तीन बार भारत की तीन बार प्रधानमंत्री रहीं। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। इस ऑपरेशन में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 500 लोगों की मौत हुई थी। इंदिरा की हत्या के बाद हुए दंगों में हजारों लोग मारे गए। जो इतिहास का बेहद विवादित विषय बना हुआ है।

राजीव गांधी

अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनकी जगह लेने वाले राजीव गांधी देश के छठे प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 1984-89 के बीच अपनी सेवाएं दीं। भोपाल गैस त्रासदी और बोफोर्स स्कैंडल उनके कार्यकाल के विवादित विषय रहे हैं। इसके अलावा श्रीलंका में 1987 में भारत के हस्तक्षेप भी उनके कार्यकाल का विवादित विषय है जिसकी वजह से अंत में 21 मई 1991 को उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के समय वह तमिलनाडु में अभियान चला रहे थे। उनकी हत्या लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) के आत्मघाती हमलावर ने की थी।