नहीं मिल पाई इस 106 उम्र वाले कैदी को रिहाई

ग्वालियर (14 अगस्त): इस साल स्वतंत्रता दिवस पर ग्वालियर की सेंट्रल जेल से 45 कैदियों को रिहा किया जा रहा है, लेकिन 106 साल के सालिगराम का नाम इस लिस्ट में शामिल नहीं है। उसे फिर से जेल की उन बैरक में बंद कर दिया गया, जहां वह अपने बेटे कमलेश के साथ हत्या की सजा काट रहा है।

मर्डर की सजा काट रहा है सालिगराम... - हर साल स्वतंत्रता दिवस पर सरकार कैदियों की रिहाई करती है, लेकिन यह आजादी सालिगराम की किस्मत में नहीं है। इस साल भी वह जेल के अंदर रहेगा। - ग्वालियर की सेंट्रल जेल में बंद सालिगराम को मुश्किल से यही याद आता है कि वह शिवपुरी का निवासी है और कई सालों से बंद है। - सालिगराम का बेटा कमलेश, जो 80 साल का हो चुका है, बताता है कि हम दोनों को पड़ोसी की हत्या के जुर्म में उम्र कैद की सजा हुई थी।

पूर्व मंत्री ने कहा था बुर्जुगों को रिहा करो... - पिछले साल तत्कालीन जेल मंत्री बाबूलाल गौर जेल का निरीक्षण करने आए थे। वो भी सालिगराम को देखकर आश्चर्य में पड़ गए। - उन्होंने तुरंत जेल के अफसरों से कहा कि सालिगराम और ज्यादा उम्रदराज कैदियों को छोड़ने का प्रस्ताव बनाया जाए। - उसके बाद उम्मीद थी कि इस साल तो सालिगराम की रिहाई हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

रिहाई के मानदंड पूरे नहीं किए सालिगराम ने... - सेंट्रल जेल के सुपरिडेंट एनके सिंह बताते हैं कि अभी सालिगराम रिहाई के मानदंड पूरे नहीं कर पाया और इसलिए सरकार ने रिहाई नहीं की।