डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में ही रहना चाहती हैं ये 10 लड़कियां, बाहर आने से किया मना

नई दिल्ली(31 अगस्त): डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में बुधवार को एकदम से शांति हो गई जब जिला बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर्स ने 10 युवा महिलाओं से पूछा कि क्या वे बाहर एक नया जीवन शुरू करना चाहती हैं। सवाल पूछने के कुछ देर बाद लड़कियों ने कहा नहीं।  डेरा परिसर में तीन घंटे से अधिक की चर्चा के बाद उन्होंने बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों के साथ जाने से इनकार कर दिया।

- सिरसा के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) परमजीत सिंह चहल की अगुवाई में अधिकारियों की टीम ने मंगलवार की रात 17 साल की एक लड़की के साथ पिछले 1 सप्ताह में 19 लड़कियों सहित 53 बच्चों को बचाया।

- डेरा के सूत्रों ने बताया कि वयस्क लड़कियों में गुरुदेव इंसान शामिल हैं, जो एक राज्य स्तरीय राइफल शूटर हैं। इस शूटर को डेरा में तब लाया गया था जब वह बच्ची थी। बचाई गईं नाबालिग लड़कियों में कुछ डेरा की रोलर हॉकी टीम का हिस्सा थीं। 

- विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनमें से सात लड़कियां पांच साल से कम उम्र की हैं और अपने माता-पिता को कभी नहीं देखे हैं। इमनें से सबसे कम उम्र की एक डेढ़ वर्षीय बच्ची भी है।   

- सभी 19 लड़कियों की चिकित्सा जांच हुई, जिसमें वे स्वस्थ्य पाईं गईं। बच्चियों को रोहतक के पास राई में चाइल्डकैअर सेंटर में भेजा गया है। जबकि 34 लड़कों को करनाल में बाल देखभाल केंद्र ले जाया गया।