सावधान! कहीं आपका पेट्रोल चोरी तो नहीं हो रहा, भरवाते समय रखें इन 10 बातों का ख्याल

नई दिल्ली (28 अप्रैल): पेट्रोल पंप पर डिवाइस लगाकर पेट्रोल की हाइटेक चोरी करने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में STF ने इस गोरखधंधे को बेनकाब किया है। STF की टीम ने लखनऊ में गुरुवार रात 7 पेट्रोल पंपों पर छापा मारा। छापे में पता चला कि ये पेट्रोल पंप मशीनों में चिप और रिमोट कंट्रोल के जरिए ग्राहकों को चूना लगा रहे थे। ग्राहकों को एक लीटर पेट्रोल की कीमत पर मिल रहा था सिर्फ 940 से 950 ml तेल। यानि 50 से 60 ml तक पेट्रोल की चोरी की जा रही थी। ये पेट्रोल पंपों ग्राहकों की जेब पर डाका डाल अपनी जेब भर रहे थे। रोजाना 40 से 50 हजार रुपए और महीने में 12 से 15 लाख रुपए कमा रहे थे। अब हम आपको बताते हैं ऐसे तरीके जिनसे आप इस ठगी से बच सकते हैं....


1) हमेशा रिजर्व से पहले भरवाएं पेट्रोल: बहुत कम लोगों को पता है कि खाली टैंक में पेट्रोल भरवाने से नुकसान होता है। इसका कारण है कि जितना खाली आपका टैंक होगा, उतनी ही हवा टैंक में मौजूद रहेगी। ऐसे में आप पेट्रोल भरवाते हैं, तो हवा के कारण पेट्रोल की मात्रा कम मिलेगी। इसलिए कम से कम टैंक के रिजर्व तक आने का इंतजार नहीं करें।


2) डिजिटल मीटर वाले पेट्रोल पंप पर ही जाएं: पेट्रोल हमेशा डिजिटल मीटर वाले पंप पर ही भरवाएं। पुरानी पेट्रोल पंप मशीनों पर कम पेट्रोल भरे जाने की आशंका ज्‍यादा रहती है और आप इसे पकड़ भी नहीं सकते हैं। यही कारण है कि देश में लगातार पुरानी पेट्रोल पंप मशीनें को हटाया जा रहा है और डिजिटल मीटर वाले पंप लगाए जा रहे हैं।


3) मीटर पर रखें नजर: अधिकांश लोग जब अपनी कार में पेट्रोल/डीजल भरवाते हैं तो गाड़ी से नीचे नहीं उतरते हैं। इसका फायदा पेट्रोल पंप कर्मी उठाते हैं। पेट्रोल भरवाते समय कार से उतरें और मीटर के पास खड़े हों और सेल्समैन की सारी गतिविधियों को देखें। इससे आपके साथ धोखाधड़ी होने के मौके बेहद कम हो जाते हैं।


4) मीटर में जीरो जरूर देखें: कई पेट्रोल पंपों में कर्मचारी आपकी बताई रकम से कम पैसे का तेल भरते हैं। टोकने पर ग्राहकों से कहा जाता है कि मीटर को जीरो पर रीसेट किया जा रहा है। लेकिन अगर आप चौकन्ने नहीं हैं तो अक्सर ये मीटर जीरो पर नहीं लाया जाता है। इसलिए ये जरूरी है कि आप तेल भरवाते वक्त सुनिश्चित करें कि पेट्रोल पंप मशीन का मीटर जीरो पर सेट है।


5) तेज चल रहा हो मीटर तो तुरंत टोकें: आपने पेट्रोल आर्डर किया और मीटर बेहद तेज चल रहा है, तो समझिए कुछ गड़बड़ है। पेट्रोलपंपकर्मी को मीटर की स्पीड नार्मल करने को कहें। हो सकता है तेज मीटर चलने से आपकी जेब कट रही हो।


6) ऑटो कट लगने के बाद मत भरवाएं पेट्रोल: टंकी फुल कराते समय ऑटो कट होने के बाद अक्सर पेट्रोल पंप वाले राउंड फिगर में पेट्रोल भर देने की बात करते हैं। इसके लिए राजी ना हों क्योंकि ऑटो कट होने के बाद अक्सर आपकी गाड़ी की टंकी में कम तेल जाता है और कई बार मशीन रीसेट नहीं होने की वजह से कोई तेल ही नहीं जाता यानी सिर्फ हवा आपकी गाड़ी की टंकी में जाती है।


7) मीटर बंद होते ही तुरंत पाइप ना निकालने दें: आपने देखा होगा कई पेट्रोल पंपों पर तेल भरने की पाइप को लंबा रखा जाता है। कर्मचारी पेट्रोल डालने के बाद ऑटो कट होते ही फौरन नोजल गाड़ी से निकाल लेते हैं। इस वजह से पाइप में बचा हुआ पेट्रोल हर बार टंकी में चला जाता है। लिहाजा आप इस बात पर जोर दें कि ऑटो कट होने के कुछ सेकेंड बाद तक पेट्रोल की नोजल आपकी गाड़ी की टंकी में रहे ताकि पाइप में बचा पेट्रोल भी उसमें आ जाए।


8) राउंड फिगर में ना भरवाएं पेट्रोल: ज्यादातर लोग 500 या 1000 जैसी रकम अदा करके तेल भरवाते हैं। लेकिन कई पेट्रोल पंप ऐसे नंबर के लिए पहले ही मशीन को फिक्स करके रखते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप राउंड फिगर की रकम देकर पेट्रोल ना भरवाएं। मसलन 550 रुपये या 1125 रुपये का पेट्रोल भरवाएं। हो सके तो डिजीटल पेमेंट (पेटीएम, डेबिट, क्रेडिट कॉर्ड) करें। ऐसे में पेट्रोल की चोरी करना मुश्किल होगी।


9) सूनसान पेट्रोल पंपों पर जाने से बचें: हमेशा पेट्रोल ऐसे पंप से भरवाएं जहां हमेशा चहल-पहल रहती हो और कुछ लोग पेट्रोल भरवाने के लिए मौजूद हों। हमें सूनसान पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने से बचना चाहिए। अगर आप ऐसे पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाते हैं, तो आपको पेट्रोल कम मिल सकता है। दरअसल ऐसे पंप की मशीन से पेट्रोल ले रहे हैं तो, नोजॅल में पेट्रोल आने से पहले वाली हवा आपकी गाड़ी की टंकी में भर जाएगी और आपको कुछ प्वाइंट्स का नुकसान हो जाए।


10) अगर शक हो तो शिकायत दर्ज करवाना ना भूलें: अगर आपको पेट्रोल चोरी का जरा भी शक हो तो पेट्रोल पंप के मैनेजर से कंप्लेंट बुक मांगकर लिखित शिकायत दर्ज करवाना ना भूलें। अगर आपको कंप्लेंट बुक देने में आनाकानी की जाए तो सीधा कंपनी के कस्टमर केयर से शिकायत करें।