10 खास बातें, जिनसे ओलंपिक में सुधरेगा भारत का रेकॉर्ड

नई दिल्ली (4 अगस्त): शनिवार से शुरू हो रहे ओलंपिक के लिए पूरी दुनिया के एथलीट्स तैयारी में जुटे हैं। वहीं भारत भी किसी से पीछे नहीं है। उनकी तैयारी के लिए भारत सरकार भी आगे बढ़कर सहयोग कर रही है।

ओलंपिक के इतिहास पर गौर किया जाए तो अभी तक का रेकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं रहा है। पिछले 30 साल के इतिहास में भारत को सिर्फ एक गोल्ड मेडल मिला है। अभिनव बिंद्रा ने 2008 में 10 मीटर राइफल में भारत को स्वर्ण दिलाया था। उस साल पेइचिंग ओलिंपिक मे भारत ने तीन मेडल जीते थे। चार साल बाद लंदन ओलिंपिक में भारत ने भारत ने छह पदक जीते। इस बार रियो में भारत 118 ऐथलीट्स के दल के साथ पहुंचा है। 

रिपोर्ट के मुताबिक सरकार और स्पोर्ट्स ऑफ इंडिया (साई) ने खिलाड़ियों का प्रदर्शन सुधारने के लिए कई खास कदम उठाए हैं। 

सरकार ने उठाए ये कदम 

1. खेल और युवा मामलों के मंत्रालय ने 'टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम' चलाई। इसके साथ ही सरकार ने खिलाड़ियों को खास ट्रेनिंग देने के लिए नैशनल स्पोर्ट्स डिवलेपमेंट फंड बनाया। इसके लिए 45 करोड़ रुपये का बजट अलॉट किया गया। इस स्कीम में करीब 100 से ज्यादा एथलीट्स को कवर किया गया। हर एथलीट पर करीब 30 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक खर्च किया गया। 

2. पिछले दो सालो में खिलाड़ियों की ट्रेनिंग और कम्पटीशन पर काफी खर्च किया गया है। सरकार ने बीते दो साल में इस पर करीब 180 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 

3. 2012 ओलिंपिक से लेकर अभी तक के बीच साई सेंटर्स में कई नई सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इसमें ऐंटी ग्रेविटी ट्रेडमिल्स व अन्य कई नवीन उपकरण शामिल हैं। 

4. खिलाड़ियों के साथ कोच, फिजियो और ट्रेनर्स आदि की संख्या में इजाफा किया गया है। प्रबंधन स्टाफ में कमी की गई है। 

5. नैशनल कैंप के बाहर प्रैक्टिस कर रहे ऐथलीट्स को निजी कोच, इंस्ट्रक्टर. ट्रेनर और अन्य सपॉर्ट स्टाफ रखने की इजाजत दी गई है। 

6. एथलीट्स की ट्रेनिंग के लिए 40 से अधिक विदेशी कोच और एक्सपर्ट्स की सेवाएं ली गई हैं। 

7. साई ने मिशन ओलिंपिक सेल बनाया है जो खिलाड़ियों के लिए योजनाएं बनाने, उन्हें अमली जामा पहनाने और उनके नतीजों पर निगरानी रखेगा। इसमें देश के अग्रणी फेडरेशन के मुखिया, आईओए, मुख्य राष्ट्रीय कोच और पूर्व ओलिंपिक खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। 

8.पहले खिलाड़ियों को ओलिंपिक से दो-तीन दिन पहले ही भेजा जाता था लेकिन अब उन्हें 15-20 दिन पहले भेजा गया है ताकि वे वहां के माहौल में अच्छी तरह ढल जाएं। 

9. खिलाड़ियों के लिए डाइट मनी को रोजाना 450 रुपये से बढ़ाकर 650 रुपये तक दिया गया वहीं फूड सप्लीमेंट चार्जेज को 300 रुपये रोजाना से बढ़ाकर 700 रुपये कर दिया गया। 

10. भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीम को टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम के अंतर्गत हालांकि नहीं रखा गया है लेकिन हॉकी खिलाड़ियों को भी पहली बार टीओपी स्कीम के अंतर्गत आने वाले खिलाड़ियों के बराबर टीओपी मिल रहा है।