रघुराम राजन ने गिनाईं अपने कार्यकाल की ये 10 बड़ी उपलब्धियां

नई दिल्ली (18 जून) :  भारतीय रिज़र्व बैंक ( आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने दोबारा कार्यकाल नहीं लेने का इरादा जताया है। उन्होंने साथ ही आरबीआई के स्टाफ को लिखी चिट्ठी में अपने तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं। राजन के मुताबिक उनकी 10 बड़़ी उपलब्धियां इस प्रकार हैं-

1. राजन के मुताबिक जब उन्होंने कार्यभार संभाला था तो भारतीय अर्थव्यवस्था को 'फ्रेजाइल फाइव'  (ऐसी उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाएं जो अपनी वित्तीय महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अविश्वसनीय विदेशी निवेश पर बहुत ज्यादा निर्भर रहती हैं) में शामिल माना जाता था। लेकिन आज हम दुनिया में सबसे तेज़ी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। 'फ्रेजाइल फाइव' के रैंक से हम काफी पहले निकल चुके हैं।

2. सलाह मशविरे के बाद  नए मॉनेटरी फ्रेमवर्क और कार्ययोजना के लिए एजेंडा तैयार किया।

3. मुद्रास्फीति को कम रखने पर फोकस किया। साथ ही फॉरेक्स रिज़र्व को बढ़ाने के लिए मुद्रा नॉन रेज़ीडेंट (बी) डिपोज़िट्स को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।

4. आला और जनरल बैंकों की असंदिग्ध निष्ठा वाली कमेटियों के ज़रिए लाइसेंसिंग का प्लान।

5. भारत बिल पेमेंट सिस्टम और ट्रेड रिसीवेबल्स एक्सचेंज को विकसित करना।

6. मोबाइल फोन्स के ज़रिए पेमेंट शुरू कर सभी तक पेमेंट मोड को पहुंचाया। यूनिवर्सल पेमेंट इंटरफेस जल्दी ही देश में मोबाइल से मोबाइल को पेमेंट वाला क्रांतिकारी कदम बन जाएगा।

7. बड़े लोन डेटाबेस को विकसित किया गया।

8. किए गए उपायों से मुद्रास्फीति आज आधी रह गई है। और बचत से पहली बार पॉजिटिव इंट्रेस्ट की स्थिति बनी है।

9. राष्ट्रीय मुद्रा स्थिर हुई है, विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड उच्च स्थिति में है। सरकार ने पहली बार 40 साल के बॉन्ड लॉन्च किए हैं।

10. नया बैंक बोर्ड ब्यूरो पीएसबी के लिए ढांचा तैयार करने में अहम रहा है। ताकि नाकाम प्रोजेक्ट्स से पेमेंट्स को रिकवर किया जा सके।